जंग के बीच बड़ा झटका! इजराइल के हमले में ईरान का सबसे ताकतवर चेहरा खत्म

इजराइल के हमले में ईरान के शीर्ष नेता अली लारिजानी की मौत का दावा, जानिए इस घटना से युद्ध और वैश्विक राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।

जंग के बीच बड़ा झटका! इजराइल के हमले में ईरान का सबसे ताकतवर चेहरा खत्म
Ali Larijani

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के तीसरे हफ्ते में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान को उस समय बड़ा झटका लगा, जब इजराइल डिफेंस फोर्स ने दावा किया कि उसने एक सटीक हमले में ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद के प्रमुख अली लारिजानी को मार गिराया है। इजराइल की ओर से जारी बयान में लारिजानी को ईरान की सैन्य रणनीतियों का मुख्य चेहरा बताया गया है।

लारिजानी की ताकत और पहचान
बताया जा रहा है कि अली लारिजानी को हाल ही में सर्वोच्च सुरक्षा परिषद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वे ईरान की सुरक्षा और युद्ध रणनीति के केंद्र में थे। उन्हें देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी माना जाता था और कट्टरपंथी खेमे के मजबूत नेता के रूप में उनकी पहचान थी। साथ ही, वे एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी भी रहे, जिनकी पकड़ व्यवस्था और तकनीकी मामलों पर मजबूत मानी जाती थी।

युद्ध में अहम भूमिका
लारिजानी को ईरान का दूसरा सबसे प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता था और युद्ध के दौरान सैन्य अभियानों के समन्वय की जिम्मेदारी उन्हीं के पास थी। उनके नेतृत्व में ईरान ने कई मोर्चों पर रणनीतिक बढ़त बनाई थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने हाल ही में मुस्लिम देशों को एकजुट होने का संदेश भी दिया था, जिससे इस संघर्ष का दायरा और व्यापक हो सकता था।

अनुभव और असर
करीब तीन दशक से सत्ता के केंद्र में सक्रिय लारिजानी को ईरान की पूरी व्यवस्था की गहरी समझ थी। निचले स्तर से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक उनकी पकड़ मानी जाती थी। ऐसे में उनकी मौत को ईरान के लिए बड़ा रणनीतिक नुकसान माना जा रहा है, जिससे युद्ध की दिशा प्रभावित हो सकती है।

कूटनीति में मजबूत पकड़
कूटनीतिक मोर्चे पर भी लारिजानी की भूमिका अहम रही थी। माना जाता है कि उनके प्रयासों से सऊदी अरब और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव में नरमी आई थी। इसके अलावा, उनका संपर्क व्लादिमीर पुतिन जैसे वैश्विक नेताओं से भी बना रहता था। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कमजोर कर सकती है।

नेतृत्व में अनिश्चितता
मौजूदा हालात में मुज्तबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर माना जा रहा है, लेकिन उनके घायल और अंडरग्राउंड होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे में अब तक बड़े फैसले लारिजानी ही ले रहे थे, लेकिन उनकी मौत के बाद ईरान की नेतृत्व व्यवस्था में बड़ा बदलाव संभव है और नए चेहरे की तलाश एक चुनौती बन सकती है।

आगे की चुनौती
इसी बीच खबर है कि इस संघर्ष के दौरान इजराइल ने ईरान के कई शीर्ष सैन्य अधिकारियों को भी निशाना बनाया है, जिससे उसकी सैन्य ताकत पर असर पड़ा है। अब सवाल यह है कि ईरान आगे इस स्थिति से कैसे निपटेगा और क्या वह नए नेतृत्व के साथ रणनीति को फिर से खड़ा कर पाएगा।

सुरक्षा परिषद की भूमिका
ईरान की सर्वोच्च सुरक्षा परिषद देश की सबसे अहम निर्णय लेने वाली संस्था मानी जाती है, जो युद्ध के समय सेना और अन्य इकाइयों के बीच तालमेल बनाती है। इस परिषद में सुप्रीम लीडर, राष्ट्रपति और उनके द्वारा चुने गए सदस्य शामिल होते हैं। ऐसे में इस पद पर बदलाव का असर सीधे तौर पर देश की सुरक्षा और युद्ध रणनीति पर पड़ सकता है।