उत्तर कोरिया का रंगीन चेहरा: वॉनसन-काल्मा बीच पर मस्ती करते युवा, किम जोंग उन का नया सपना?
उत्तर कोरिया का नया रंगीन चेहरा: किम जोंग उन ने खोला वॉनसन-काल्मा बीच रिसॉर्ट, जहां युवा स्विमसूट में बीच पर मस्ती करते दिखे। क्या बदला है देश?
उत्तर कोरिया, जिसकी छवि एक बंद और कठोर शासन वाले देश की रही है, वहां से एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। किम जोंग उन के नए आदेश के बाद, हजारों उत्तर कोरियाई युवा – लड़के और लड़कियां – वॉनसन-काल्मा कोस्टल टूरिज्म रीजन में बने नवनिर्मित बीच रिसॉर्ट में स्विमिंग, वॉटर स्लाइड्स और समुद्री लहरों के साथ खेलते नज़र आए।
यह खबर 2 जुलाई 2025 को उत्तर कोरिया की सरकारी न्यूज़ एजेंसी KCNA द्वारा जारी की गई, जिसने दुनिया को दिखाया कि उत्तर कोरिया एक नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है – कम से कम दिखावे में तो जरूर।
क्या है वॉनसन-काल्मा रिसॉर्ट?
- उत्तर कोरिया का अब तक का सबसे बड़ा तटीय पर्यटन केंद्र
- एक साथ 20,000 लोगों की रहने की क्षमता
- लग्ज़री होटलों, वॉटर पार्क, रेस्टोरेंट्स और बीच साइड सुविधाओं से लैस
- किम जोंग उन के अनुसार – 2025 की सबसे बड़ी उपलब्धि और गर्व का प्रतीक।
क्यों किया गया ये कदम?
उत्तर कोरिया की कमजोर होती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए किम ने पर्यटन क्षेत्र पर दांव लगाया है। उनका मानना है कि अगर यह रिसॉर्ट सफल होता है, तो इससे देश में विदेशी मुद्रा आएगी और रोज़गार भी बढ़ेगा।
क्या विदेशी पर्यटकों को है इजाजत?
उत्तर कोरिया ने कोविड-19 के दौरान अपनी सीमाएं पूरी तरह बंद कर दी थीं। अब भी पश्चिमी देशों के लिए दरवाज़े बंद हैं। 2024 में केवल 2,000 रूसी नागरिक उत्तर कोरिया आए, जिनमें से सिर्फ 880 टूरिस्ट थे। चीनी पर्यटकों का ग्रुप टूरिज्म अब तक शुरू नहीं हुआ है। 7 जुलाई 2025 से रूस के प्रिमोर्स्की क्षेत्र से पर्यटकों का पहला जत्था वॉनसन-काल्मा रवाना होगा, जिसमें 8 दिन की ट्रिप प्योंगयांग होकर होगी।
KCNA की तस्वीरों में क्या दिखा?
- स्विम ट्यूब्स के साथ पानी में खेलते बच्चे
- लाल-सफेद बीच छतरियों के नीचे रिलैक्स करते युवा
- वाटर स्लाइड्स पर मस्ती करते ग्रुप्स
- एक “फ्रीडम” की झलक, जो आमतौर पर उत्तर कोरिया में नहीं दिखती
क्या ये असली है या दिखावा?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सब कुछ एक पॉलिश्ड इमेज बिल्डिंग का हिस्सा हो सकता है। इसका उद्देश्य है – बाहरी दुनिया को दिखाना कि उत्तर कोरिया अब बदल रहा है, जबकि असलियत में वहां अब भी एक सख्त और नियंत्रित शासन कायम है।


आँखें न्यूज़ 24 




