बांग्लादेशी मॉडल बनी भारत में 'भारतीय नागरिक': कोलकाता में फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार, हर डॉक्युमेंट पर अलग पता

कोलकाता पुलिस ने बांग्लादेशी मॉडल शांता पॉल को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास दो आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, बांग्लादेशी पासपोर्ट और एयरलाइन आईडी मिले हैं। जानिए पूरा मामला।

बांग्लादेशी मॉडल बनी भारत में 'भारतीय नागरिक': कोलकाता में फर्जी दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार, हर डॉक्युमेंट पर अलग पता
बांग्लादेशी मॉडल शांता पॉल

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने बांग्लादेश की चर्चित मॉडल और पूर्व टीवी एंकर शांता पॉल को फर्जी भारतीय दस्तावेजों के साथ गिरफ्तार किया है।

शांता पॉल पिछले कुछ सालों से कोलकाता के जादवपुर इलाके में किराए के मकान में रह रही थी, लेकिन उसके पास वैध वीजा या भारत में रहने की अनुमति नहीं थी।

किन दस्तावेजों के आधार पर रह रही थी भारत में?
कोलकाता पुलिस ने जादवपुर के विक्रमगढ़ फ्लैट में छापेमारी कर शांता के पास से जो दस्तावेज बरामद किए हैं, वो हैरान कर देने वाले हैं:
- बांग्लादेशी पासपोर्ट
- रीजेंट एयरवेज (बांग्लादेश) का कर्मचारी पहचान पत्र
- ढाका शिक्षा बोर्ड का परीक्षा प्रमाण पत्र
- दो अलग-अलग पते वाले आधार कार्ड
- भारतीय वोटर आईडी कार्ड
- राशन कार्ड
- भारत में विवाह प्रमाणपत्र
- पति का ड्राइविंग लाइसेंस (शेख मोहम्मद असरफ, आंध्र प्रदेश)

शांता पॉल कौन है?
नाम: शांता पॉल
नागरिकता: बांग्लादेश
पेशे: पूर्व टीवी एंकर, मॉडल और अभिनेत्री
प्रतियोगिताएं: कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग ले चुकी
भारत में कथित पति: शेख मोहम्मद असरफ (आंध्र प्रदेश निवासी)
शादी की तारीख: 5 जून (विवाह प्रमाणपत्र के अनुसार)

एक ही महिला के इतने पते कैसे?
पुलिस जांच में सामने आया कि शांता पॉल के दस्तावेजों में अलग-अलग पते दिए गए हैं:
- एक आधार कार्ड में बर्धमान जिला का पता
- एक वोटर आईडी में अलग पता
- वास्तविक निवास विक्रमगढ़, जादवपुर थाना अंतर्गत

यहां तक कि आधार, राशन कार्ड और वोटर आईडी जैसे सरकारी दस्तावेज किस आधार पर बने, इसका अब गहराई से फॉलोअप हो रहा है।

किससे हो रही है पूछताछ?
- UIDAI (आधार प्राधिकरण)
- चुनाव आयोग (ECI)
- राज्य खाद्य विभाग
- फर्जी विवाह प्रमाणपत्र की पुष्टि

पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या शांता ने किसी नकली पहचान, दलाल या नेटवर्क की मदद से ये दस्तावेज बनवाए और भारत में स्थायी नागरिकता प्राप्त करने का प्रयास किया।

शांता का मकसद क्या था?
पुलिस फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शांता पॉल ने अवैध रूप से भारत में रहने और फर्जी दस्तावेज बनाने का कदम क्यों उठाया। क्या वह जासूसी, हवाला, नकली दस्तावेज नेटवर्क या किसी आंतरिक गिरोह से जुड़ी थी, या सिर्फ भारत में सेटल होने के लिए ये सब किया?

अब आगे क्या?
- कोर्ट ने शांता पॉल को 8 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेजा है
- फोरेंसिक जांच, डिजिटल डिवाइस, कॉल डिटेल और पासपोर्ट एंट्री को खंगाला जा रहा है
- पुलिस शेख मोहम्मद असरफ और अन्य संदिग्धों की तलाश में है