11 दिन में 31 हत्याएं: अपराध के साए में डरता बिहार, क्या अब भी जागेगी सरकार?

Bihar Crime News: जुलाई 2025 में महज 11 दिनों में 31 हत्याएं। पटना में कारोबारी हत्याओं से दहशत। जानिए सभी वारदातें विस्तार से।

11 दिन में 31 हत्याएं: अपराध के साए में डरता बिहार, क्या अब भी जागेगी सरकार?

बिहार में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। महज 1 जुलाई से 11 जुलाई 2025 के बीच 31 लोगों की हत्या हो चुकी है। राजधानी पटना समेत राज्य के लगभग हर जिले में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। 4 जुलाई को पटना के बड़े कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या से जो सिलसिला शुरू हुआ, वह थमने का नाम नहीं ले रहा। किराना दुकानदार, बालू कारोबारी, किसान, वृद्ध महिला, इंजीनियर, पंचायत सेवक, एक ही परिवार के पांच लोग— किसी को नहीं बख्शा गया।

आइए जानते हैं इन 11 दिनों की मौत की दास्तान—

11 जुलाई: पटना में तृष्णा मार्ट के मालिक की हत्या
रामकृष्ण नगर थाना इलाके में देर रात दरभंगा के रहने वाले विक्रम झा को बाइक सवार अपराधियों ने गोली मार दी। मौके पर ही मौत हो गई। विक्रम तृष्णा मार्ट के मालिक थे।

10 जुलाई: पटना में बालू कारोबारी रमाकांत यादव की हत्या
रानी तालाब इलाके में रमाकांत यादव को घर के बाहर टहलते वक्त गोली मार दी गई।

- जहानाबाद: मलहचक गांव में खेत में सो रहे बुजुर्ग शिवनंदन की गोली मारकर हत्या।
- समस्तीपुर: गंगापुर में खेत की मेड़ के विवाद में वृद्ध महिला की पीट-पीटकर हत्या।

8 जुलाई: भागलपुर में दो हत्याएं
- हबीबपुर में मोहम्मद सद्दाम की चाकू से गोदकर हत्या।
- नवगछिया में गोलीबारी में साजन कुमार की मौत।

- नवादा में बेटे ने पिता अनिल सिंह की तलवार से हत्या कर दी।

7 जुलाई: तीन हत्याएं
- मधुबनी में किसान बद्री यादव को जबरन उठाकर नदी किनारे गोली मार दी।
- वैशाली में रुपये और जमीन विवाद में सुरेंद्र झा की हत्या।

6 जुलाई: खौफनाक दिन— 11 मौतें
- पूर्णिया के टेटमा गांव में डायन बताकर एक ही परिवार के 5 सदस्यों की हत्या।
- नालंदा में बच्चों के झगड़े में 2 लोगों को घर में घुसकर गोली मार दी गई।
- बेतिया में पैसे के विवाद में हृदय मिश्र की हत्या।
- मुजफ्फरपुर में इंजीनियर मोहम्मद मुमताज की चाकू से हत्या।
- मुजफ्फरपुर में ही पंचायत सेवक मुमताज अहमद का गला रेतकर कत्ल।
- पटना में निजी स्कूल संचालक अजीत कुमार की गोली मारकर हत्या।

4-5 जुलाई: पटना में गोपाल खेमका समेत 7 हत्याएं
- पटना में बीजेपी नेता और कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या।
- बेगूसराय में प्रेम प्रसंग के मामले में स्वर्ण कारोबारी की हत्या।
- समस्तीपुर में पंचायत सदस्य के पति सुरेश महतो पर हमला।
- सिवान में आपसी विवाद में तीन लोगों की हत्या।
- किशनपुर में सीमा देवी की हत्या और बच्चा गायब।
- मधेपुरा में सब्जी विक्रेता दंपती की हत्या।

1 जुलाई: मधुबनी में मोहम्मद तुफैल की चाकू मारकर हत्या

बिहार में महज़ 11 दिन में 31 जानें जाना किसी आंकड़े भर की खबर नहीं, बल्कि उन परिवारों की चीख़ है जिनके घर के चिराग बुझा दिए गए। राजधानी पटना से लेकर सुदूर गांवों तक खून-खराबा बेधड़क जारी है और अपराधी खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं।

सवाल उठता है— क्या बिहार अब कातिलों के रहमो-करम पर जीने के लिए मजबूर है? क्या सरकार और प्रशासन की नींद इन 31 लाशों के बाद भी नहीं टूटेगी? बिहार के लोग अब जवाब चाहते हैं… और इंसाफ भी।