ब्यास नदी के उफान से हिला कुल्लू-मनाली: हाईवे टूटा, होटल-इमारतें समाई पानी में

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू-मनाली में भारी बारिश और ब्यास नदी के उफान से तबाही मच गई है। NH3 का 3 किलोमीटर हिस्सा बह गया, इमारतें ढहीं और पंडोह डैम के गेट खोलने पड़े। जानिए ताज़ा अपडेट।

ब्यास नदी के उफान से हिला कुल्लू-मनाली: हाईवे टूटा, होटल-इमारतें समाई पानी में

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मनाली में मूसलधार बारिश ने तबाही मचा दी है। ब्यास नदी के उफान ने पूरे इलाके को संकट में डाल दिया है। नदी का रुख अब हाईवे की ओर मुड़ गया है, जिससे सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया और किनारे बसे कई होटल-इमारतें खतरे में हैं।

कुल्लू-मनाली NH3 का 3 किलोमीटर हिस्सा बहा
लगातार बारिश और तेज बहाव के कारण कुल्लू-मनाली नेशनल हाईवे (NH3) करीब तीन किलोमीटर तक बह गया है। नदी का रुख हाईवे की ओर होने से सड़क के किनारे बना एक निजी होटल और आसपास की इमारतें डूबने की कगार पर हैं।

भूस्खलन और टूटती इमारतें
मनाली के बाहंग क्षेत्र में एक दो मंजिला इमारत नदी में समा गई। इससे पहले सुबह यहां दो रेस्टोरेंट और दो दुकानें भी धराशायी हो चुकी थीं। लगातार हो रहे लैंडस्लाइड (भूस्खलन) ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।

फुट ब्रिज और हाईवे पर बढ़ा खतरा
दवाड़ा के पास ब्यास नदी पर बना फुट ब्रिज भी तेज बहाव में टूटकर नदी में समा गया। यह पुल लारजी पावर हाउस तक पहुंचने का एक अहम साधन था। अब पानी हाईवे तक पहुंच गया है और दवाड़ा के पास नेशनल हाईवे का बड़ा हिस्सा बह चुका है।

पंडोह डैम के खुले गेट, बिजली उत्पादन बंद
ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने पंडोह डैम के पांचों गेट खोल दिए हैं। करीब 90,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पानी में सिल्ट बढ़ जाने के कारण बग्गी टनल की सप्लाई रोक दी गई है, जिससे बिजली उत्पादन भी बंद हो गया है।

प्रशासन की चेतावनी
डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने लोगों से अपील की है कि वे ब्यास नदी और अन्य नालों के पास न जाएं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए 27 अगस्त सुबह तक डैम की फ्लशिंग जारी रहेगी। लगातार बारिश, लैंडस्लाइड और नदी के तेज बहाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।