अमेरिका में विरोध प्रदर्शन: वाशिंगटन में पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर पर लगे लोकतंत्र दमन के आरोप
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को अमेरिकी दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारी लोकतंत्र की बहाली और सेना के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर, जो अमेरिका की 250वीं सेना परेड में विशेष अतिथि के रूप में भाग लेने वाशिंगटन पहुंचे थे, को वहां अप्रत्याशित विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन में दर्जनों पाकिस्तानी-अमेरिकियों ने भाग लिया, जिन्होंने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान में लोकतंत्र की बहाली और सेना के शासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
प्रदर्शन की वजह और संदेश
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि पाकिस्तान में सेना की बढ़ती राजनीतिक भूमिका ने लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर गंभीर संकट पैदा किया है। विरोध करने वालों ने सेना प्रमुख को "लोकतंत्र का हत्यारा" कहते हुए उनके खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन का उद्देश्य अमेरिकी नीति निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान के मौजूदा हालातों पर खींचना था।
पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ का समर्थन
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने भी इस विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अमेरिका की सड़कों पर असीम मुनीर का विरोध करते हुए दिखे।
अमेरिकी सेना की परेड और विवाद
यह परेड अमेरिकी सेना की स्थापना की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की गई थी। जनरल असीम मुनीर को इस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने इसे पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के दमन के लिए सेना को जिम्मेदार ठहराने का मौका बना लिया।
प्रदर्शन स्थल से बयान
एक प्रदर्शनकारी ने कहा, हम अमेरिका की धरती से दुनिया को यह संदेश देना चाहते हैं कि पाकिस्तान के लोग सेना के अत्याचारों के खिलाफ हैं। हमें सेना का शासन नहीं, लोकतंत्र चाहिए।


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