कफ सिरप कांड में बड़ी कार्रवाई, वाराणसी में भोला जायसवाल की 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क

वाराणसी में कफ सिरप तस्करी मामले में पुलिस ने 28 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की। धारा 107 बीएनएसएस और एनडीपीएस एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई, जानिए पूरा मामला।

कफ सिरप कांड में बड़ी कार्रवाई, वाराणसी में भोला जायसवाल की 28 करोड़ की संपत्ति कुर्क

वाराणसी में कफ सिरप तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए करीब 28 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अधिग्रहित कर लिया है। पुलिस आयुक्त की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आपराधिक गतिविधियों से अर्जित संपत्ति पर कार्रवाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में यह बड़ी कार्रवाई की गई।

कोर्ट के आदेश पर धारा 107 बीएनएसएस में कुर्की
यह कार्रवाई अभियुक्त भोला प्रसाद जायसवाल के खिलाफ की गई है, जो आदमपुर थाना क्षेत्र के प्रहलादघाट स्थित कायस्थ टोला का निवासी है। न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-14 वाराणसी में लंबित वाद संख्या 778/2025 में धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश प्राप्त हुआ। पुलिस ने प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय से आदेश लेकर नियमानुसार संपत्तियों को अधिग्रहित किया।

फर्जी ई-वे बिल से नशीले कफ सिरप की सप्लाई
जांच में सामने आया कि अभियुक्त रांची, झारखंड में शैली ट्रेडर्स नामक फर्म संचालित करता था। आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में न्यू फेन्साडिल कफ सिरप की सप्लाई वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में की। फर्जी और कूटरचित ई-वे बिल तैयार कर नशीले उपयोग के लिए इसे विभिन्न फर्मों के माध्यम से बेचा गया। पुलिस के अनुसार इस अवैध कारोबार से भारी आर्थिक लाभ अर्जित कर आरोपी ने कई अचल संपत्तियां खरीदी थीं।

शहर के अलग-अलग इलाकों में फैली संपत्तियां जब्त
कुर्क की गई संपत्तियों में भेलूपुर के तुलसीपुर वार्ड स्थित एक व्यवसायिक भवन, लल्लापुरा खुर्द और जगतगंज क्षेत्र के मकान, शिवपुर क्षेत्र की आवासीय भूमि और मढ़ौली क्षेत्र की जमीन शामिल है। इन सभी संपत्तियों का कुल बाजार मूल्य लगभग 28 करोड़ रुपये आंका गया है। पुलिस का कहना है कि यह संपत्तियां अवैध कमाई से अर्जित की गई थीं, जिन्हें चिन्हित कर कुर्क किया गया।

एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस की धाराओं में दर्ज है मुकदमा
इस मामले में थाना कोतवाली कमिश्नरेट वाराणसी में मुकदमा अपराध संख्या 235/2025 दर्ज है। इसमें एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ बीएनएस की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस टीम में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, तहसीलदार सदर संत विजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह सहित एसआईटी और थाना कोतवाली के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

अवैध नशा कारोबार पर सख्ती जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अपराध से अर्जित संपत्ति पर प्रहार कर ऐसे नेटवर्क को कमजोर करना प्राथमिकता है, ताकि समाज में नशे के फैलाव पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।