ऑपरेशन सिंदूर का असर, गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान; शहबाज शरीफ बना रहे मुस्लिम देशों के साथ गठजोड़

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत के कड़े रुख से पाकिस्तान घबराया हुआ है। जानिए कैसे शहबाज शरीफ मुस्लिम देशों के साथ गठजोड़ बनाकर भारत के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।

ऑपरेशन सिंदूर का असर, गिड़गिड़ाने लगा पाकिस्तान; शहबाज शरीफ बना रहे मुस्लिम देशों के साथ गठजोड़
pakistan pm shahbaz sharif

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की राजनीतिक और आर्थिक स्थिति और कमजोर हो गई है। भारत के सख्त तेवरों के बाद पाकिस्तान अब दुनिया के मुस्लिम देशों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

शहबाज शरीफ का दौरा: दुनिया से समर्थन की तलाश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तुर्किये और ईरान के बाद अब अजरबैजान का रुख किया है।

अजरबैजान में द्विपक्षीय बैठक
शरीफ अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और समर्थन हासिल करने की कोशिश करेंगे।

तीन देशों की बैठक
अजरबैजान में पाकिस्तान, तुर्किये और अजरबैजान की त्रिपक्षीय बैठक आयोजित होगी, जिसमें तीनों देशों के बीच गठजोड़ बनाने पर चर्चा होगी।

मुस्लिम देशों के साथ पाकिस्तान का गठजोड़
तुर्किये मुस्लिम देशों का नेतृत्व करने की कोशिश में है।

ईरान और अजरबैजान की भूमिका
पाकिस्तान इन देशों के साथ मिलकर कश्मीर और आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भारत के खिलाफ समर्थन जुटाने का प्रयास कर रहा है।

भारत के सख्त तेवर
भारत ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान से केवल पीओके की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा। शहबाज शरीफ के ईरान दौरे के दौरान उन्होंने खुद स्वीकार किया कि पाकिस्तान अब भारत के साथ कश्मीर, आतंकवाद और व्यापार जैसे सभी मुद्दों को सुलझाना चाहता है। भारत ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के झूठे वादों पर भरोसा नहीं करेगा।

ऑपरेशन सिंदूर का प्रभाव
भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सैन्य और कूटनीतिक रूप से कमजोर कर दिया है। भारत के प्रहार के बाद पाकिस्तान की सेना और राजनीतिक नेतृत्व के बीच मतभेद बढ़ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाकिस्तान अलग-थलग पड़ गया है।

पाकिस्तान की आर्थिक और राजनीतिक चुनौतियां
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय गंभीर संकट में है। अंतरराष्ट्रीय समर्थन की कमी और कर्ज में डूबा हुआ देश अब अंतरराष्ट्रीय मदद की तलाश कर रहा है।

राजनीतिक अस्थिरता
शहबाज शरीफ की सरकार पर आंतरिक दबाव बढ़ रहा है।