ऑपरेशन सिंदूर: पीएम मोदी ने केवल दो शब्द बोले और तालियों से गूंज उठा सभागार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रीनारायण गुरु और महात्मा गांधी की ऐतिहासिक वार्ता के शताब्दी समारोह में प्रेरणादायक भाषण दिया। ऑपरेशन सिंदूर से भारत की सैन्य शक्ति और आत्मनिर्भरता का संदेश दुनिया को दिया गया।

ऑपरेशन सिंदूर: पीएम मोदी ने केवल दो शब्द बोले और तालियों से गूंज उठा सभागार
PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को श्रीनारायण गुरु और महात्मा गांधी की ऐतिहासिक वार्ता के शताब्दी समारोह में एक प्रभावशाली और प्रेरक भाषण दिया। उनकी संवाद शैली ने न केवल श्रोताओं का दिल छुआ, बल्कि उनमें जोश और जुनून का संचार भी किया।

'भारत तीसरी बड़ी शक्ति बनने की ओर अग्रसर'
अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति बनने की राह पर है। इसके लिए आर्थिक, सामाजिक और सैन्य शक्ति का संतुलन अत्यंत आवश्यक है। हाल ही में, दुनिया ने देखा है कि भारत की ताकत और क्षमता क्या है। फिर, उन्होंने इशारों से सभी का ध्यान आकर्षित करते हुए मात्र दो शब्द कहे: ऑपरेशन सिंदूर। इन शब्दों के सुनते ही सभागार तालियों की गूंज से भर उठा।

'ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति'
प्रधानमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा, इसने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति को दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया है। हमने दिखा दिया है कि भारतीयों का खून बहाने वाले आतंकियों के लिए कोई भी जगह सुरक्षित नहीं है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने मात्र 22 मिनट में दुश्मन को घुटने पर ला दिया था। आज का भारत न केवल देशहित में निर्णायक कदम उठाता है, बल्कि सैन्य जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।

मेड इन इंडिया हथियारों का डंका
पीएम मोदी ने बताया कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर ने हमारी क्षमता को दिखाया है। भविष्य में मेड इन इंडिया हथियारों का डंका पूरी दुनिया में बजेगा।

श्रीनारायण गुरु की शिक्षाएं और भारत का भविष्य
प्रधानमंत्री ने श्रीनारायण गुरु की शिक्षाओं को राष्ट्रीय एकता और विकास के लिए प्रेरणास्त्रोत बताया। उन्होंने कहा, हमें श्रीनारायण गुरु की शिक्षाओं को जनमानस तक पहुंचाना है। सरकार शिवगिरी क्षेत्र का निर्माण कर रही है और उनके तीर्थ स्थानों को जोड़ने का कार्य कर रही है। उनका आशीर्वाद और शिक्षाएं हमें विकसित भारत का सपना पूरा करने के लिए मार्गदर्शन देती रहेंगी।