सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर बोले PM मोदी– ‘एकता दिवस’का महत्व 15 अगस्त और 26 जनवरी जितना ही बड़ा
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर केवडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि एकता दिवस का महत्व 15 अगस्त और 26 जनवरी के समान है। उन्होंने कहा कि हर घुसपैठिए को देश से बाहर निकालना ही सरदार साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
गुजरात के केवडिया में आज देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पूरे उत्साह और गर्व के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड (Rashtriya Ekta Diwas Parade) में देशभर से जवानों की टुकड़ियां शामिल हुईं। परेड में 26 जनवरी की झांकी जैसी झलक देखने को मिली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह में कहा कि “एकता दिवस का महत्व 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसा ही है। आज हम एक ऐसे क्षण के साक्षी हैं जब पूरा भारत एक स्वर में ‘एकता’ का संदेश दे रहा है।”
पीएम मोदी बोले – पटेल ने जोड़ा भारत, दिया अटूट राष्ट्र का सपना
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने बिखरे हुए 562 रियासतों को जोड़कर भारत की एकता की नींव रखी। उन्होंने कहा, आज हर भारतवासी पटेल जी के उस त्याग और दूरदृष्टि को नमन करता है। उनका ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का विज़न हमारे हर कदम की प्रेरणा है।
PM मोदी ने कहा कि देश ने आज फिर एकता की शपथ ली है — हर वह कार्य करेंगे जो राष्ट्र को जोड़ता है, और त्याग देंगे जो देश की एकता को कमजोर करता है। यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी पटेल को।
कश्मीर और संप्रभुता पर PM मोदी का तीखा वार
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल देश की संप्रभुता को सर्वोपरि मानते थे, लेकिन उनके निधन के बाद वर्षों तक सरकारों ने इस भावना को गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने कहा कि कश्मीर में की गई गलतियों, पूर्वोत्तर की समस्याओं और नक्सलवाद ने भारत की संप्रभुता को गहरी चोट पहुंचाई। अगर उस समय सरदार साहब की नीति पर चला गया होता, तो देश को इतने दशक हिंसा में नहीं झुलसना पड़ता।
PM मोदी ने नेहरू पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधते हुए कहा, पटेल कश्मीर का पूर्ण विलय चाहते थे, लेकिन उनकी इच्छा को दरकिनार किया गया। कश्मीर को अलग निशान और संविधान देकर देश की एकता को विभाजित किया गया।
'कांग्रेस की नीतियों ने देश को आतंकवाद की आग में झोंका'
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने कश्मीर को पाकिस्तान के अवैध कब्जे (PoK) में धकेल दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने वहां से राज्य प्रायोजित आतंकवाद (State Sponsored Terrorism) को बढ़ावा दिया। उसकी कीमत देश ने जवानों के बलिदान और आम नागरिकों की शहादत से चुकाई। लेकिन कांग्रेस हमेशा आतंकवाद के आगे झुकी रही।
PM मोदी ने कहा कि अब भारत का इरादा स्पष्ट है — हम आतंक के हर रूप से निर्णायक लड़ाई लड़ रहे हैं।
'देश की एकता पर सबसे बड़ा खतरा घुसपैठियों से'
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत की एकता और सुरक्षा के सामने सबसे बड़ा खतरा विदेशी घुसपैठियों (Illegal Immigrants) से है।
उन्होंने कहा, दशकों से घुसपैठिए देश में आते रहे, संसाधनों पर कब्जा करते रहे और जनसांख्यिकीय संतुलन बिगाड़ते रहे। पुरानी सरकारों ने वोटबैंक की राजनीति के लिए आंखें मूंद लीं।
PM मोदी ने आगे कहा, अब देश चुप नहीं रहेगा। लाल किले से मैंने डेमोग्राफी मिशन का ऐलान किया था और आज हम यह संकल्प दोहरा रहे हैं कि हर घुसपैठिए को देश से बाहर निकालेंगे। यही सच्ची एकता है, यही सरदार साहब की प्रेरणा है।
'देश की सुरक्षा खतरे में आएगी तो हर नागरिक प्रभावित होगा'
प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग राष्ट्रहित से ऊपर स्वार्थ रख रहे हैं, वे देश के साथ अन्याय कर रहे हैं। उन्होंने कहा, अगर देश की पहचान और सुरक्षा खतरे में आएगी तो हर नागरिक प्रभावित होगा। हमें यह याद रखना होगा कि भारत की एकता ही हमारी शक्ति है, और यही हमारी सुरक्षा का आधार भी।


आँखें न्यूज़ 24 




