SCO 2025 में पीएम मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात: क्या बदलेगा भारत-चीन रिश्ता?
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO 2025 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तियानजिन में मुलाकात की। द्विपक्षीय बैठक में भारत-चीन संबंध, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन 2025 के मौके पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तियानजिन में मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह मुलाकात पिछले कुछ सालों के तनाव के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
विशेष रूप से ध्यान देने योग्य है कि साल 2022 में इंडोनेशिया में हुए आशियान समिट के दौरान गलवान घाटी में संघर्ष के चलते दोनों नेता एक-दूसरे से औपचारिक ही मुलाकात कर पाए थे। लेकिन इस बार तियानजिन में पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुस्कुराहट और गर्मजोशी साफ झलक रही थी।
दोनों नेताओं की यह मुलाकात न केवल भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में है, बल्कि अमेरिका और पाकिस्तान के लिए भी राजनीतिक संदेश है।
SCO 2025: एशिया के वैश्विक नेताओं का मंच
SCO शिखर सम्मेलन दो दिन तक चलेगा। इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य अहम अंतरराष्ट्रीय नेताओं का स्वागत करेंगे।
इस मंच से एशियाई देश डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर अपनी आर्थिक ताकत और रणनीतिक स्थिति का प्रदर्शन करेंगे। पीएम मोदी चीन की यह यात्रा 2018 के बाद पहली बार कर रहे हैं।
द्विपक्षीय बातचीत में मुख्य मुद्दे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने बताया कि भारत और चीन ने बॉर्डर मैनेजमेंट पर सहमति बनाई है। कैलाश मानसरोवर यात्रा और सीधी उड़ानों के मुद्दों में प्रगति हुई है। अब इससे लगभग 2.8 अरब लोग सीधे जुड़े हैं, और इसका लाभ पूरा क्षेत्र और मानवता उठा पाएंगे। दोनों नेताओं ने भरोसा और आपसी सम्मान को बढ़ाने पर भी जोर दिया।
आर्थिक संबंध और क्षेत्रीय सुरक्षा
बैठक के दौरान अमेरिकी टैरिफ नीति भी चर्चा का अहम विषय रही। पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने भारत-चीन आर्थिक और व्यापारिक संबंधों की समीक्षा की। 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद तनावपूर्ण रिश्तों को सामान्य करने के उपायों पर विचार किया। क्षेत्रीय मुद्दों जैसे पाकिस्तान में आतंकवाद और सुरक्षा पर बातचीत की। तियानजिन की बैठक में दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसमें पीएम मोदी बेज रंग का कुर्ता पहने दिख रहे हैं।
क्षेत्रीय और वैश्विक संदेश
विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी और शी जिनपिंग की यह मुलाकात भारत-चीन संबंधों को सुधारने और एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखने का प्रयास है। यह बैठक न केवल व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को भी मजबूत करेगी। इसके अलावा, SCO मंच पर टैरिफ और वैश्विक आर्थिक संतुलन पर एशियाई देशों की एकजुटता का संदेश जाएगा।


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