Putin in India: यूक्रेन युद्ध के बाद पहली भारत यात्रा, मोदी संग डिनर से शुरू होगी रणनीतिक गर्मजोशी

यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंचे। पीएम मोदी संग डिनर, भव्य स्वागत, रक्षा सौदे, भारत-रूस शिखर सम्मेलन और बिजनेस फोरम की पूरी जानकारी पढ़ें।

Putin in India: यूक्रेन युद्ध के बाद पहली भारत यात्रा, मोदी संग डिनर से शुरू होगी रणनीतिक गर्मजोशी
PM Modi and Vladimir Putin

यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज 4 दिसंबर की शाम भारत की धरती पर कदम रखेंगे। उनका विमान शाम 4:30 बजे इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरने की संभावना है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में 6:30 बजे का समय भी बताया गया है। एयरपोर्ट पर औपचारिक स्वागत के बाद पुतिन सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास 7, लोक कल्याण मार्ग जाएंगे, जहां दोनों नेता निजी रात्रिभोज पर अहम बातचीत करेंगे। यह दौरा भारत-रूस के पुराने भरोसे और बदलती वैश्विक राजनीति के बीच एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली में 5 लेयर सुरक्षा, हर कोना अलर्ट पर
पुतिन की यात्रा को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। पूरी राजधानी को पांच स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, स्पेशल फोर्स और पुतिन की निजी सुरक्षा टीमें हर मूवमेंट पर पैनी नजर रखेंगी। सड़कों पर SWAT कमांडो और एंटी-टेरर स्क्वायड तैनात रहेंगे। एयरपोर्ट से लेकर होटल, पीएम आवास और सम्मेलन स्थलों तक हाई अलर्ट घोषित किया गया है।

राष्ट्रपति भवन और राजघाट में होगा भव्य सम्मान
5 दिसंबर की सुबह राष्ट्रीय ध्वज के नीचे राष्ट्रपति भवन में पुतिन का पारंपरिक राजकीय स्वागत होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उनसे मुलाकात करेंगी और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद पुतिन राजघाट जाएंगे, जहां वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। गांधी जी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर वह शांति और अहिंसा का संदेश देंगे, जो हर विदेशी राष्ट्राध्यक्ष भारत आकर निभाता है।

हैदराबाद हाउस में रणनीतिक साझेदारी पर बड़ा मंथन
दोपहर में हैदराबाद हाउस में भारत-रूस का 23वां वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन पहले अकेले में द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे, इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इस दौरान रक्षा सहयोग सबसे अहम मुद्दा रहेगा। एसयू-57 फाइटर जेट, एस-500 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल के नए संस्करण जैसे रक्षा सौदों पर गहन मंथन होगा।

व्यापार घाटा और ऊर्जा सहयोग भी एजेंडा में
व्यापार और ऊर्जा के मोर्चे पर भी दोनों देश संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे। फिलहाल भारत रूस से सालाना करीब 65 अरब डॉलर का आयात करता है, जबकि निर्यात महज 5 अरब डॉलर के आसपास है। इस असंतुलन को कम करने के उपायों पर बातचीत होगी। इसके साथ ही कच्चे तेल, गैस, न्यूक्लियर एनर्जी और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।

बिजनेस फोरम और मीडिया डिप्लोमेसी का नया अध्याय
शाम को भारत मंडपम में आयोजित भारत-रूस बिजनेस फोरम में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन दोनों उद्योग जगत को संबोधित करेंगे। मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और निवेश पर फोकस रहेगा। इसी दौरान रूस का अंतरराष्ट्रीय न्यूज चैनल ‘रूस टुडे’ भारत में अपना नया ब्यूरो खोलने का ऐलान करेगा, जिसमें करीब 100 कर्मचारी काम करेंगे। यह मीडिया कूटनीति के लिहाज से भी अहम कदम माना जा रहा है।

28 घंटे का दौरा, दशकों के रिश्तों पर असर
दौरे के समापन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुतिन के सम्मान में भव्य स्टेट बैनक्वेट आयोजित करेंगी। यह आलीशान राजकीय दावत दोनों देशों की गहरी मित्रता और भरोसे का प्रतीक होगी। इसके बाद रात करीब 9:30 बजे पुतिन भारत से रवाना हो जाएंगे। कुल मिलाकर यह दौरा लगभग 28 से 30 घंटे का होगा, लेकिन इसके असर कई दशकों तक भारत-रूस रिश्तों पर दिखेंगे।