लाल किला ब्लास्ट की जांच अब NIA के हाथों में, अमित शाह ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, दिल्ली पुलिस से छीनी जांच

लाल किला ब्लास्ट मामले की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में यह फैसला लिया गया। धमाके में 12 की मौत और 20 घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने UAPA और Explosives Act के तहत केस दर्ज किया है। एनआईए अब पूरे मामले की तहकीकात करेगी।

लाल किला ब्लास्ट की जांच अब NIA के हाथों में, अमित शाह ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग, दिल्ली पुलिस से छीनी जांच

दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहर लाल किला सोमवार शाम एक भयावह धमाके से दहल उठा। कार में हुए इस शक्तिशाली विस्फोट में 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई जबकि करीब 20 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। शुरुआती जांच दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा द्वारा की जा रही थी, लेकिन अब केंद्र सरकार ने मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपने का निर्णय लिया है।

अमित शाह के आवास पर हुई हाई-लेवल मीटिंग
मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर सुरक्षा एजेंसियों की एक उच्च स्तरीय बैठक हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि मामले की जांच एनआईए करेगी। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, आईबी (Intelligence Bureau) के निदेशक, दिल्ली पुलिस आयुक्त, और NIA के महानिदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, बैठक में एनआईए को जांच सौंपने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया गया ताकि इस आतंकी हमले की जड़ तक पहुंचा जा सके।

अमित शाह ने अस्पताल और घटनास्थल का किया दौरा
धमाके के तुरंत बाद गृहमंत्री अमित शाह ने लोक नायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से उनके इलाज की जानकारी ली। इसके बाद वे घटनास्थल लाल किला परिसर के पास पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

अमित शाह ने कहा था कि मंगलवार को स्थिति की समीक्षा के लिए एक बड़ी बैठक की जाएगी — और उसी समीक्षा बैठक में एनआईए को जांच सौंपने का निर्णय लिया गया।

UAPA और Explosives Act के तहत मामला दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस धमाके के बाद गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम — UAPA की धारा 16 और 18 के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही Explosive Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं भी जोड़ी गई हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ है और शुरुआती सबूत यह संकेत देते हैं कि इसमें किसी आतंकी संगठन की भूमिका हो सकती है। एनआईए की टीम अब फोरेंसिक सबूतों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच को आगे बढ़ाएगी।

एनआईए की एंट्री से बढ़ी उम्मीद — देशभर की एजेंसियां अलर्ट पर
एनआईए की जांच शुरू होते ही दिल्ली समेत देशभर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। गृहमंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस हमले में शामिल लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच रही हैं कि क्या यह हमला किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है।