उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025: हिमालयन कल्चरल सेंटर में सजी उत्तराखंडी सिनेमा की भव्य शाम, कलाकारों का हुआ सम्मान
द्वितीय उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025 का भव्य आयोजन देहरादून में संपन्न हुआ। समारोह में गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी फिल्मों व कलाकारों को सम्मानित किया गया।
वेब मल्टीमीडिया द्वारा आयोजित द्वितीय उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025 का भव्य आयोजन 6 दिसंबर को देहरादून स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में संपन्न हुआ। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, भाषा और सिनेमा के रंगों से सजे इस समारोह में लगभग पाँच सौ फिल्मी हस्तियों, कलाकारों, निर्माताओं और प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने शिरकत की। पूरा माहौल उत्तराखंडी सिनेमा के प्रति गर्व और उत्साह से भरा नजर आया।
डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया समारोह का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के मंच गढ़वाली, कुमाऊनी और जौनसारी भाषाओं में बनने वाली फिल्मों को नई ऊर्जा देने का काम करते हैं। निशंक ने माना कि क्षेत्रीय सिनेमा हमारी सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने का सशक्त माध्यम है और ऐसे आयोजनों से कलाकारों का आत्मविश्वास भी बढ़ता है।
आयोजकों और फिल्म जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी
समारोह में अवार्ड के संस्थापक अध्यक्ष विनोद गुप्ता, चर्चित अभिनेता हेमंत पांडे, निर्माता महेश राजपूत, शो के निर्देशक प्रमोद शास्त्री और नृत्य निर्देशक संजय कोर्वे सहित कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने इस आयोजन को उत्तराखंडी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक मजबूत मंच बताते हुए इसकी सफलता पर टीम को बधाई दी। मंच से कलाकारों और तकनीकी टीम के योगदान को भी विशेष रूप से सराहा गया।
26 कैटेगरी में फिल्मों और कलाकारों का हुआ सम्मान
इस वर्ष उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025 के लिए 14 फीचर फिल्मों का चयन किया गया, जिन्हें 26 अलग-अलग श्रेणियों में परखा गया। समारोह के दौरान उत्कृष्ट अभिनय, निर्देशन, संगीत, छायांकन और तकनीकी योगदान के लिए फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। अवार्ड वितरण के दौरान दर्शकों का उत्साह और तालियों की गूंज पूरे हॉल में सुनाई देती रही।
संस्थापक अध्यक्ष का आभार और उत्तराखंडी सिनेमा का संदेश
संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार गुप्ता ने मंच से सभी अतिथियों, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद और विशेष रूप से अभिनेता रमेश नौटियाल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंडी सिनेमा केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह हमारी भाषा, लोककला, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज भी है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है।
राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहचान की उम्मीद
आयोजकों और अतिथियों ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंडी फिल्में न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी अलग पहचान बनाएंगी। द्वितीय उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्रीय सिनेमा अब सीमित दायरे से निकलकर व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचने के लिए तैयार है।
उत्तराखंडी फिल्म अवार्ड 2025 की प्रमुख उपलब्धियां
इस समारोह में सर्वश्रेष्ठ फिल्म, निर्देशन, अभिनेता, अभिनेत्री, संगीत, गीत, छायांकन, संपादन और सामाजिक विषयों पर बनी फिल्मों सहित कई श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए। विशेष सम्मान के तहत उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और संगीत को समर्पित योगदान के लिए दिग्गज कलाकारों को भी सम्मानित किया गया, जिससे कार्यक्रम और भी यादगार बन गया।


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