Delhi KalkaJi Mass Suicide Case: कर्ज, तनाव और कोर्ट नोटिस ने कैसे उजाड़ दिया कपूर परिवार?
Delhi के KalkaJi इलाके में Kapoor family के तीन लोगों की सामूहिक आत्महत्या ने सनसनी फैला दी। कर्ज, बेरोजगारी और कोर्ट नोटिस कैसे बने इस दर्दनाक घटना की वजह, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
दिल्ली के कालकाजी इलाके में सामने आई कपूर परिवार की सामूहिक आत्महत्या की घटना ने न सिर्फ पूरे क्षेत्र को, बल्कि राजधानी को भी झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार को एक ही घर में मां और दो बेटों के शव फांसी के फंदे पर लटके मिलने से सनसनी फैल गई। शुरुआती तौर पर यह मामला अचानक उठाया गया कदम लग रहा था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं।
लंबे समय से तनाव में था पूरा परिवार
पुलिस जांच में सामने आया है कि कपूर परिवार लंबे समय से मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव से जूझ रहा था। मृतकों में अनुराधा कपूर (52) और उनके दो बेटे आशीष कपूर (35) तथा चैतन्य कपूर (27) शामिल हैं। पड़ोसियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार यह परिवार बीते कई महीनों से बेहद तनावपूर्ण हालात में रह रहा था, जिसकी अनदेखी अंततः इस दर्दनाक अंजाम तक पहुंच गई।
दो महीने पहले भी जान देने की कोशिश कर चुके थे बेटे
इस केस में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि दोनों बेटों ने करीब दो महीने पहले भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। उस समय आशीष और चैतन्य ने चाकू से अपने हाथों की नसें काट ली थीं। परिजनों की सतर्कता से दोनों को समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया और उनकी जान बच गई थी। इसके बाद पुलिस भी सक्रिय हुई थी और परिवार की काउंसलिंग समेत कई स्तरों पर जानकारी जुटाई गई थी।
किराया विवाद और कोर्ट केस बना तनाव की बड़ी वजह
पुलिस के मुताबिक कपूर परिवार दिसंबर 2023 में कालकाजी के जी-70बी स्थित एक तीसरी मंजिल के फ्लैट में किराए पर रहने आया था। शुरुआत में सिक्योरिटी डिपॉजिट और कुछ महीनों का किराया दिया गया, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद हो गया। मकान मालिक के बार-बार कहने के बावजूद परिवार ने घर खाली नहीं किया, जिसके बाद मामला कोर्ट तक पहुंचा और फैसला मकान मालिक के पक्ष में आया।
कोर्ट नोटिस के दिन उठाया गया खौफनाक कदम
शुक्रवार को जब कोर्ट का नोटिस लेकर मकान मालिक पुलिस के साथ फ्लैट पर पहुंचा, उसी दिन यह भयावह घटना सामने आई। माना जा रहा है कि कोर्ट के अंतिम नोटिस ने परिवार पर मानसिक दबाव को चरम पर पहुंचा दिया, जिससे वे कोई और रास्ता नहीं देख पाए।
कर्ज और पिता की मौत से टूटा परिवार
जांच में यह भी सामने आया है कि परिवार की आर्थिक हालत पहले से ही बेहद खराब थी। दोनों बेटों के पिता प्रॉपर्टी डीलिंग के व्यवसाय में भारी नुकसान के बाद कई लोगों से कर्ज लेकर फंस गए थे। लोन न चुका पाने के कारण लेनदार लगातार घर आकर दबाव बना रहे थे। वर्ष 2024 में पिता की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए और परिवार पूरी तरह टूट गया।
बेरोजगारी और बढ़ते कर्ज ने छीनी उम्मीद
पिता के निधन के बाद दोनों बेटे बेरोजगार थे। घर का खर्च, बढ़ता कर्ज और किराया चुकाने की जिम्मेदारी उनके लिए असहनीय हो गई थी। धीरे-धीरे आर्थिक संकट मानसिक अवसाद में बदलता चला गया। दो साल के भीतर पिता, फिर मां और दोनों बेटों की मौत ने पूरे परिवार को खत्म कर दिया।
पुलिस जांच जारी, हर पहलू खंगालने की कोशिश
पड़ोसियों का कहना है कि आत्महत्या की पहली कोशिश के बाद से पुलिस लगातार परिवार के संपर्क में थी। कई बार पुलिस ने पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी बातचीत की, लेकिन इसके बावजूद इस त्रासदी को रोका नहीं जा सका। फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल डिवाइस की फोरेंसिक जांच कर रही है।


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