उत्तरकाशी त्रासदी: धराली गांव में तबाही का मंजर, अब तक 4 की मौत; 50 से अधिक लापता
उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने से 4 की मौत, 50 लापता। खीरगंगा नदी में बाढ़ से गांव तबाह। सेना-प्रशासन का रेस्क्यू जारी।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी ज़िले में मंगलवार दोपहर करीब 1:45 बजे धराली गांव के पास अचानक बादल फटने से भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 100 से ज्यादा लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक 15 से 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है और घायलों को हर्षिल स्थित सेना के मेडिकल सेंटर में इलाज दिया जा रहा है। राहत कार्य जारी है लेकिन लगातार बारिश और खराब मौसम रेस्क्यू में बाधा बन रहे हैं।
स्थानीय निवासी के अनुसार, वर्ष 1978 में 5 अगस्त को भी इसी दिन कंजोडिया क्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी और आज धराली गांव में वही मंजर दोहराया गया है। उन्होंने कहा कि "होटल, लॉज, मार्केट और गांव सब कुछ तबाह हो गया है।"
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि खीरगंगा नदी में बादल फटने से ऐसा विनाश हुआ जिसने लोगों को 2013 की केदारनाथ त्रासदी की याद दिला दी।
इस हादसे के बाद गंगोत्री धाम का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। उत्तराखंड सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर घटना की जानकारी ली है और केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि राहत और बचाव टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं और लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
हेल्पलाइन नंबर:
- 01374-222126
- 94565-56431


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