नए साल से पहले वाराणसी के घाटों पर बढ़ी भीड़ को लेकर पुलिस अलर्ट, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि
नववर्ष और छुट्टियों से पहले वाराणसी के घाटों पर पुलिस की सख्ती। गंगा में नावों की जांच, ओवरलोडिंग और बिना लाइफ जैकेट यात्रा पर कार्रवाई।
वर्ष 2025 की समाप्ति और आने वाले अवकाशों को देखते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। देश–विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आगमन के बीच किसी भी जल दुर्घटना या अव्यवस्था को रोकने के उद्देश्य से शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) ने काशी जोन के वरिष्ठ अधिकारियों और जल पुलिस बल के साथ रविदास घाट सहित आसपास के प्रमुख घाटों का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान घाटों की सुरक्षा व्यवस्था, नाव संचालन और भीड़ नियंत्रण की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया।
सुरक्षित नाव संचालन और पर्यावरण संरक्षण पर खास जोर
निरीक्षण का फोकस स्पष्ट रूप से श्रद्धालुओं और पर्यटकों की जान-माल की सुरक्षा पर रहा। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि गंगा नदी में चलने वाली नावें पूरी तरह सुरक्षित और अनुशासित ढंग से संचालित हों। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने, लाइफ जैकेट के बिना यात्रा कराने और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करने जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही नदी और पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली गतिविधियों पर भी सख्त नजर रखी गई।

ओवरलोडिंग और प्रदूषण पर तत्काल कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान गंगा में संचालित सभी प्रकार की नावों की गहन जांच की गई। कुछ नावों पर निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाया जाना सामने आया, जिसे गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए संबंधित नाविकों को तत्काल नोटिस देने के निर्देश दिए गए। मौके पर ही अतिरिक्त यात्रियों को नाव से उतरवाकर नियमों के अनुसार संचालन सुनिश्चित कराया गया। वहीं, कुछ नावों से अत्यधिक धुआं निकलते पाए जाने पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन को लेकर जल पुलिस को वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
लाइफ जैकेट को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को नाव में बैठाने की अनुमति नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान जिन यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, उन्हें मौके पर ही जैकेट पहनने के लिए प्रेरित किया गया और जल दुर्घटनाओं से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने साफ कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नाविकों के साथ गोष्ठी, समन्वय और अनुशासन पर चर्चा
निरीक्षण के बाद जल पुलिस, स्थानीय पुलिस और नाविकों के साथ घाट पर ही एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें वर्तमान भीड़ की स्थिति, संभावित जोखिम, आपात हालात में आपसी समन्वय, यात्रियों के साथ शालीन व्यवहार और नियमों के शत-प्रतिशत पालन पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने नाविकों को सख्त शब्दों में चेताया कि नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई तय है।
सुरक्षा को प्राथमिकता, निगरानी अभियान रहेगा जारी
पुलिस का साफ संदेश है कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल दुर्घटनाओं की रोकथाम, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल जल यातायात व्यवस्था के लिए इस तरह के निरीक्षण, चेकिंग और जन-जागरूकता अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।


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