अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: यूपी में 3 करोड़ वोट काटने की तैयारी, BLO पर बढ़ा प्रेशर जानलेवा साबित हो रहा है

लखनऊ में अखिलेश यादव ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में तीन करोड़ वोट काटने की तैयारी चल रही है। उन्होंने BLO पर हो रहे दबाव, दो शिक्षकों की आत्महत्या और चुनाव आयोग–सरकार की कथित मिलीभगत पर गंभीर आरोप लगाए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

अखिलेश यादव का बड़ा आरोप: यूपी में 3 करोड़ वोट काटने की तैयारी, BLO पर बढ़ा प्रेशर जानलेवा साबित हो रहा है
Akhilesh Yadav

लखनऊ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से करीब तीन करोड़ लोगों के नाम हटाए जा सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार और चुनाव आयोग, दोनों मिलकर बीएलओ (BLO) पर रिकॉर्ड समय में फॉर्म भरवाने का दबाव बना रहे हैं, जिससे हालात विकट हो गए हैं।

'BLO की जान जा रही है'
अखिलेश ने दो हालिया घटनाओं का ज़िक्र किया—गोंडा में यादव समुदाय के एक शिक्षक और फतेहपुर में कोइरी समुदाय के एक शिक्षक ने आत्महत्या कर ली। दोनों की शादी होने वाली थी। सपा चीफ का कहना है कि यह सब भारी दबाव का नतीजा है, जिसमें BLO अपनी जान तक गंवा रहे हैं।

'ऑनलाइन दिखा रहे 99.99% फॉर्म बांटा, लेकिन जमीन पर सच्चाई अलग'
अखिलेश यादव ने कहा कि BLO फॉर्म बांट रहे हैं, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर यह दिखाया जा रहा है कि 99.99 प्रतिशत फॉर्म पहले ही बांटे जा चुके हैं। ऐसे में सरकार जो ‘जल्दी करो’ का दबाव बना रही है, उसका मतलब साफ है—बड़ी संख्या में नाम हटाने की तैयारी।

'बीजेपी और इलेक्शन कमीशन एक हैं'—सपा अध्यक्ष का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग एक ही लाइन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संविधान दिवस मनाने वाली बीजेपी खुद संविधान को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचा रही है। उनके मुताबिक, बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिया गया सबसे बड़ा अधिकार—वोट—आज खतरे में है।

'जाति के आधार पर अधिकारियों की तैनाती, लोकतंत्र को असुरक्षित बना रही'
अखिलेश ने आरोप लगाया कि जातीय आधार पर अधिकारियों की नियुक्ति कर बीजेपी सरकार वोट कटवाने की साज़िश मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यूपी में लाखों लोगों के वोट खतरे में हैं और प्रशासनिक मशीनरी का गलत इस्तेमाल हो रहा है।

बंगाल और SIR पर भी बीजेपी पर निशाना, बोले— लोकतंत्र खतरे में
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश के नाम पर साज़िशें रची जा रही हैं। वहीं SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर उन्होंने दावा किया कि इससे लोकतांत्रिक ढांचा हिल रहा है। अखिलेश बोले—“ना सेक्युलरिज़्म बचा है, ना सोशलिज़्म और अब SIR के ज़रिए लोकतंत्र पर भी वार किया जा रहा है।”

'हम जन्म से धार्मिक, हमारी छठी भी मनाई गई'—अखिलेश ने जवाब दिया
धर्म के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे जन्म से धार्मिक हैं और उनके जन्म पर छठी भी मनाई गई थी—जो हिंदू परंपरा का हिस्सा है। साथ ही उन्होंने PDA—यानी ‘आधी आबादी’—के लिए अपनी लड़ाई को दोहराया।