अमेरिकी विदेश मंत्री ने जयशंकर और शहबाज शरीफ को किया फोन, क्या हुई बात?

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने सोशल मीडिया में कहा, रुबियो ने जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और पहलगाम हमले में पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के साथ मिलकर काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहरायी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने जयशंकर और शहबाज शरीफ को किया फोन, क्या हुई बात?
India's Foreign Minister S. Jaishankar and Pakistan's Prime Minister Shahbaz Sharif

अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहरायी है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग फोन पर बात की और दोनों देशों से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद जारी तनाव कम करने की अपील की।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बुधवार को भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग-अलग फोन पर बात की और दोनों देशों से जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद जारी तनाव कम करने की अपील की।  

अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने सोशल मीडिया में कहा, रुबियो ने जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान जानमाल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया और पहलगाम हमले में पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में भारत के साथ मिलकर काम करने की अमेरिका की प्रतिबद्धता दोहरायी। उन्होंने पाकिस्तान के साथ तनाव कम करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

उन्होंने कहा, रुबियो ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ से बात की और पाकिस्तान को भारत के साथ मिलकर तनाव कम करने, सीधे संवाद स्थापित करने और दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की निंदा करने की जरूरत पर बल दिया। दोनों नेताओं ने हिंसा के जघन्य कृत्यों के लिए आतंकवादियों को जवाबदेह ठहराने के वास्ते अपनी निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि की। विदेश मंत्री ने इस अमानवीय हमले की जांच में पाकिस्तानी अधिकारियों से सहयोग करने का आग्रह किया।