2,000 करोड़ के शराब घोटाला मामले में कारोबारी अनवर ढेबर को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल
ढेबर को पिछले वर्ष अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और 9 महीने से अधिक समय उसने जेल में बिताया। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसमें अधिकतम सजा सात साल की है। अब तक 40 गवाहों को पेश किया गया है जबकि कुल 450 गवाह हैं। ऐसे में निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की कोई संभावना नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट ने एक कारोबारी को जमानत प्रदान करते हुए कहा है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग ) के आरोपी व्यक्ति को राहत मिलने से पहले एक साल जेल में रहना होगा। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने 2,000 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाला मामले में व्यवसायी अनवर ढेबर को जमानत दे दी और कहा, जमानत पाने के लिए एक साल तक हिरासत में रहने का नियम नहीं है।
ढेबर को पिछले वर्ष अगस्त में गिरफ्तार किया गया था और 9 महीने से अधिक समय उसने जेल में बिताया। मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इसमें अधिकतम सजा सात साल की है। अब तक 40 गवाहों को पेश किया गया है जबकि कुल 450 गवाह हैं। ऐसे में निकट भविष्य में मुकदमा शुरू होने की कोई संभावना नहीं है।
ईडी की ओर से पेश वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी को अभी हिरासत में एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है और वह राजनीतिक रूप से प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उनका दावा था कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले मामलों में एक साल की कस्टडी को बेंचमार्क माना है, इसलिए इस मामले में भी वही पैमाना लागू होना चाहिए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि ऐसा कोई तय नियम नहीं है।


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