पोलिंग बूथ के बाहर मोबाइल जामा कर सकेंगे वोटर, चुनाव आयोग का बड़ा फैसला
चुनाव आयोग के ये कदम मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मतदाताओं और उम्मीदवारों को ध्यान में रखते हुए की गई ये पहलें भारतीय लोकतंत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करती हैं।
चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सहूलियत के लिए मतदान केंद्रों के बाहर मोबाइल डिपॉजिट सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल उपयोग की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सुविधा का उद्देश्य
मतदान प्रक्रिया में बाधा को कम करना और मतदाताओं के लिए मतदान को सुगम बनाना।
मोबाइल उपयोग के दिशा-निर्देश:
- मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में मोबाइल स्विच-ऑफ (बंद) रखना होगा।
- केंद्र के अंदर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा।
- फोन जमा करने के लिए पिजनहोल बॉक्स या पटसन के थैले उपलब्ध कराए जाएंगे।
प्रचार मानदंडों में बदलाव: उम्मीदवारों को मिली छूट
- मतदान के दिन उम्मीदवारों को मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे के ठीक बाहर बस्ते लगाने की अनुमति दी गई है। यहां से वे मतदाताओं को अनौपचारिक रूप से मतदाता पहचान पर्ची प्रदान कर सकेंगे।
पहले की व्यवस्था
- बस्ते कम से कम 200 मीटर दूर लगाने का नियम था।
नई व्यवस्था का उद्देश्य
- मतदान प्रक्रिया को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना।
चुनाव प्रक्रिया में सुधार: नई पहलें और स्वागत
चुनाव आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और चुनाव संचालन नियम, 1961 के तहत इन सुधारों को लागू किया है।
गोपनीयता का पालन
मतदान केंद्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए नियम 49एम का सख्ती से पालन किया जाएगा।
छूट
रिटर्निंग अधिकारी स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को प्रावधान से छूट दे सकते हैं।
निर्वाचन आयोग की नई पहलें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके साथी आयुक्तों ने हाल ही में 18 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं।
- बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) का प्रशिक्षण।
- राजनीतिक दलों के साथ संवाद।
- मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा।
राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया
नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के महासचिव एस.आर. कोहली और प्रवक्ता ब्रजमोहन श्रीवास्तव ने इन पहलों का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि ये कदम लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में ऐतिहासिक हैं।
सुझाव
बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के लिए अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाने चाहिए।
सुधारों से बढ़ेगी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गुणवत्ता
चुनाव आयोग के ये कदम मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुगम और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मतदाताओं और उम्मीदवारों को ध्यान में रखते हुए की गई ये पहलें भारतीय लोकतंत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करती हैं।


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