बिहार चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में बड़ी दरार? राहुल गांधी के बयान से बिखरती विपक्षी एकता!

बिहार चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में दरारें गहरी हो गई हैं। राहुल गांधी के केरल में दिए बयान से CPM नाराज हो गया और विपक्षी एकता पर सवाल खड़े हो गए। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

बिहार चुनाव से पहले INDIA गठबंधन में बड़ी दरार? राहुल गांधी के बयान से बिखरती विपक्षी एकता!
Rahul Gandhi

बिहार के चुनावी रण में उतरने से पहले ही विपक्षी खेमा बुरी तरह हिल गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने वामपंथी दलों को नाराज कर INDIA गठबंधन को संकट में डाल दिया। क्या विपक्षी एकता ऐसे ही दरक जाएगी?

राहुल गांधी का बयान जिसने मचा दी सियासी हलचल
केरल के कोट्टायम में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने ऐसा बयान दे दिया जिसने उनकी ही सहयोगी पार्टियों के बीच नाराजगी की लकीर खींच दी। राहुल ने कहा, मैं RSS और CPM दोनों के खिलाफ वैचारिक लड़ाई लड़ता हूं। मेरी सबसे बड़ी शिकायत है कि इन दोनों में जनता के लिए कोई भावना नहीं है। अगर आप जनता को महसूस नहीं कर सकते, गले नहीं लगा सकते, तो आप नेता नहीं बन सकते।

राहुल गांधी के इस बयान ने CPM को चिढ़ा दिया, क्योंकि उन्होंने RSS और CPM को एक ही तराजू में तौल दिया।

CPM का तीखा पलटवार: 'बेहूदा और निंदनीय बयान'
राहुल गांधी के इस बयान के जवाब में CPM ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, यह कहना कि RSS और CPM एक जैसे हैं, बेहूदा और निंदनीय है। केरल में RSS से असली लड़ाई CPM लड़ रही है और हमने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं की शहादत दी है। कांग्रेस और RSS अक्सर एक जैसी भाषा बोलते हैं, और राहुल गांधी भी यहीं वही बातें कहते हैं।

यह टिप्पणी विपक्षी गठबंधन के भीतर आपसी अविश्वास को और गहरा कर गई है।

बिहार में INDIA गठबंधन पर संकट
बिहार में CPI, CPM और CPIML तीनों वामपंथी पार्टियां अब तक कांग्रेस के साथ खड़ी रही हैं। लेकिन राहुल गांधी के बयान से अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या ये साथ जारी रह पाएगा?

बिहार में वामपंथी दलों का वोट बैंक सीमित जरूर है, लेकिन कई ग्रामीण इलाकों में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। ऐसे में उनकी नाराजगी गठबंधन को नुकसान पहुँचा सकती है।

पहले ही अलग हो चुकी है AAP
गौरतलब है कि इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) पहले ही INDIA गठबंधन से दूरी बना चुकी है। AAP नेता संजय सिंह ने साफ कहा था, हम INDIA गठबंधन की किसी बैठक में शामिल नहीं होंगे। अरविंद केजरीवाल पहले ही बता चुके हैं कि हम गठबंधन से बाहर हैं। AAP ने हालांकि यह भी जोड़ा कि वह DMK और TMC जैसे दलों के साथ संसदीय मुद्दों पर सहयोग जारी रखेगी।

बड़ा सवाल: विपक्षी एकता या आपसी अविश्वास?
राहुल गांधी की टिप्पणी और उसके बाद CPM का तीखा जवाब इस सवाल को जन्म देता है कि जब विपक्षी दल खुद एक-दूसरे पर भरोसा नहीं कर पा रहे तो जनता के भरोसे की बात कैसे करेंगे? बिहार जैसे अहम चुनाव से पहले ही INDIA गठबंधन का ऐसा बिखराव 2024 में विपक्षी राजनीति की दिशा तय कर सकता है।