क्या बदल गया बिहार? सम्राट चौधरी ने गिनाए 2005 के बाद के बड़े बदलाव
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जहानाबाद और अरवल में 2005 से पहले और बाद के बिहार का अंतर बताते हुए विकास, सड़क, बिजली, रोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण पर बड़ा बयान दिया।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जहानाबाद और अरवल के दौरे के दौरान दावा किया कि एक समय इन इलाकों में नक्सलियों का ऐसा डर था कि शाम होते ही लोग घरों में कैद हो जाते थे। उन्होंने कहा कि पहले हालात इतने खराब थे कि उस समय के मुख्यमंत्री तक यहां रुकने से बचते थे, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और लोग रात में भी बिना डर के घूम सकते हैं।
उन्होंने अपने संबोधन में नीतीश कुमार के नेतृत्व की चर्चा करते हुए कहा कि विभिन्न यात्राओं—न्याय यात्रा से लेकर समृद्धि यात्रा तक—ने राज्य के विकास को नई दिशा दी है। उनके मुताबिक, इन अभियानों के जरिए सरकार ने न सिर्फ योजनाओं को जमीन पर उतारा, बल्कि जनता से सीधा संवाद भी कायम किया।
सड़कें बनीं बदलाव की पहचान
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पटना से जहानाबाद पहुंचने में कई घंटे लग जाते थे, लेकिन अब बेहतर सड़कों के कारण यह दूरी महज 40 मिनट में तय हो जाती है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि सड़कों की हालत इतनी खराब थी कि लोग मजाक में कहते थे—सड़क में गड्ढा है या गड्ढे में सड़क। अब राज्य में सड़कों का जाल तेजी से फैला है।
बिजली से बदली जिंदगी
बिजली व्यवस्था में सुधार को भी उन्होंने बड़ा बदलाव बताया। उन्होंने कहा कि जहां पहले सीमित उपभोक्ता थे, वहीं अब करोड़ों लोग बिजली से जुड़ चुके हैं। राज्य में लगभग पूरे दिन बिजली उपलब्ध हो रही है और 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली की सुविधा से अधिकांश उपभोक्ताओं का बिल शून्य आ रहा है।
बजट बढ़ा, खर्च भी बढ़ा
उन्होंने राज्य की आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 2005 से पहले बिहार का बजट काफी सीमित था, लेकिन अब यह कई गुना बढ़ चुका है। सरकार बड़ी राशि बिजली सब्सिडी पर खर्च कर रही है, जिससे आम लोगों को राहत मिल रही है और जीवन स्तर में सुधार आया है।
महिलाएं बनीं विकास की धुरी
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि साइकिल, पोशाक और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं ने बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा दिया है। पंचायतों में 50 प्रतिशत आरक्षण ने महिलाओं को निर्णय लेने की भूमिका में लाया है। साथ ही, बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की गई है।
गांव-गांव पहुंची शिक्षा-स्वास्थ्य
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी तेजी से विस्तार हो रहा है। हर प्रखंड में हाईस्कूल के बाद अब डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं, जबकि मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है ताकि लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
रोजगार से रुकेगा पलायन
रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में लाखों लोगों को नौकरी और रोजगार मिला है। आने वाले समय में इस संख्या को और बढ़ाने का लक्ष्य है, ताकि राज्य से बाहर जाने की मजबूरी खत्म हो सके।
अरवल में भी बदली तस्वीर
अरवल में आयोजित सभा में उन्होंने दोहराया कि पहले यहां नक्सलियों का डर हावी था, लेकिन अब हालात पूरी तरह सामान्य हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि पटना से औरंगाबाद को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क पर काम शुरू हो चुका है, जिससे क्षेत्र का विकास और तेज होगा।
इतिहास में दर्ज होगा बदलाव
अंत में उन्होंने मगध की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह भूमि महान शासकों और विद्वानों की रही है। उनका कहना था कि भविष्य में जब बिहार का इतिहास लिखा जाएगा, तो वर्तमान विकास और सामाजिक बदलाव को विशेष रूप से याद किया जाएगा।


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