मैं बर्बाद हो चुकी हूं... RJD नेता सीमा कुशवाहा का दर्द उफान पर, सोशल मीडिया पोस्ट में छलका गुस्सा और बेबसी

बिहार चुनाव 2025 में हार के बाद RJD नेता सीमा कुशवाहा के दर्दभरे पोस्ट चर्चा में हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एनडीए पर तंज कसते हुए आक्रोश व्यक्त किया।

मैं बर्बाद हो चुकी हूं... RJD नेता सीमा कुशवाहा का दर्द उफान पर, सोशल मीडिया पोस्ट में छलका गुस्सा और बेबसी
Seema Kushwaha

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में महागठबंधन की करारी हार के बाद आरजेडी नेता सीमा कुशवाहा बेहद भावुक नज़र आईं। चुनाव परिणाम सामने आते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार ऐसे पोस्ट किए, जिनमें उनका आक्रोश और टूटता मन साफ दिखाई दे रहा है। सीमा कुशवाहा टिकट की दौड़ में थीं, लेकिन टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने पूरी ताक़त के साथ पार्टी का प्रचार किया था।

'जब रिश्वत रास्ता बन जाए, न्याय किताबों में रह जाता है'
चुनाव नतीजों से निराश सीमा कुशवाहा ने बिना किसी का नाम लिए एक तंज भरा पोस्ट किया। उन्होंने लिखा— जब रिश्वत रास्ता बन जाए, तो न्याय सिर्फ किताबों में रह जाए।

राजनीतिक हलकों में इसे उस आरोप से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें कहा गया कि चुनाव के दौरान मतदाताओं, खासकर महिलाओं को 10,000 रुपये तक बांटे गए थे। सीमा कुशवाहा का यही आरोप था कि पैसों के आगे ईमानदार मेहनत हार गई।

टिकट नहीं मिला, फिर भी कर दी थी पूरी मेहनत
RJD नेता सीमा कुशवाहा लंबे समय से टिकट की उम्मीद कर रही थीं। मगर इस बार उन्हें मौका नहीं दिया गया। टिकट न मिलने के बावजूद उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी और पार्टी की जीत के लिए लगातार प्रचार करती रहीं। लेकिन नतीजों ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

'सुकून खरीदा नहीं जाता, परेशानियां बेची नहीं जातीं'
एक और पोस्ट में उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति का दर्द बयां करते हुए लिखा— भगवान का लिखा सब सहना पड़ता है, क्योंकि परेशानियां बेची नहीं जातीं और सुकून कभी खरीदा नहीं जाता।

उनकी इन पंक्तियों से साफ है कि चुनावी हार और राजनीतिक उपेक्षा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है।