बिहार में न्यूक्लियर पावर का ब्लूप्रिंट तैयार, केंद्र और राज्य की साझा पहल

बिहार में न्यूक्लियर पावर प्लांट की तैयारी तेज। पटना में ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, जल उपलब्धता और संभावित स्थलों पर मंथन।

बिहार में न्यूक्लियर पावर का ब्लूप्रिंट तैयार, केंद्र और राज्य की साझा पहल

बिहार सरकार अब परंपरागत ऊर्जा स्रोतों से आगे बढ़ते हुए परमाणु ऊर्जा की दिशा में ठोस पहल करती नजर आ रही है। राज्य में न्यूक्लियर पावर प्लांट की स्थापना को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में राजधानी पटना स्थित विद्युत भवन में एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना के सबसे संवेदनशील पहलू—जल उपलब्धता और जल स्रोत अवसंरचना—पर गंभीर मंथन हुआ।

ऊर्जा विभाग की अगुवाई में उच्चस्तरीय मंथन
यह बैठक ऊर्जा सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य और केंद्र से जुड़े ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए, जिससे यह संकेत मिला कि यह पहल केवल औपचारिक नहीं बल्कि रणनीतिक स्तर पर आगे बढ़ाई जा रही है।

केंद्रीय एजेंसियों की भागीदारी से बढ़ा भरोसा
बैठक में न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी ने परियोजना को तकनीकी और नीतिगत मजबूती दी। इनके साथ जल संसाधन विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल रहे, ताकि जल आपूर्ति, बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई ढांचे से जुड़े हर पहलू पर संतुलित दृष्टि बनाई जा सके।

सालभर जल उपलब्धता पर खास फोकस
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि न्यूक्लियर पावर प्लांट के लिए वर्ष भर निरंतर और भरोसेमंद जल आपूर्ति अनिवार्य होगी। इसी को ध्यान में रखते हुए जल स्रोतों की पहचान, उनके विकास और दीर्घकालिक प्रबंधन की योजना बनाने पर सहमति बनी। ऊर्जा विभाग और जल संसाधन विभाग मिलकर इस दिशा में समन्वित रणनीति तैयार कर रहे हैं।

संभावित स्थलों का निरीक्षण और तकनीकी परख
राज्य की उत्पादन एजेंसी बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड द्वारा संभावित स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान जल संसाधन विभाग से तकनीकी परामर्श लिया गया और यह परखा गया कि कौन से क्षेत्र तकनीकी, पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों पर खरे उतर सकते हैं। कुछ अन्य विकल्पों का विभागीय स्तर पर मूल्यांकन अभी जारी है।

ऊर्जा सचिव का स्पष्ट संदेश
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने बैठक में साफ कहा कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए हर संभव सहयोग देगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार न केवल तकनीकी रूप से उपयुक्त स्थल उपलब्ध कराएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि जल आपूर्ति जैसी बुनियादी जरूरतों में कोई कमी न रहे। उनका जोर सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उत्पादन पर रहा।

बांका, नवादा और सिवान पर नजर
परियोजना को लेकर राज्य के कई जिलों में प्रारंभिक सर्वेक्षण पूरा किया जा चुका है। बांका जिले के शंभूगंज और भितिया क्षेत्रों के अलावा नवादा के रजौली और सिवान जिले में भी संभावनाएं तलाशी गई हैं। सिवान में भू-आकलन और प्रारंभिक सर्वे का काम अभी प्रगति पर है, जिससे संकेत मिलता है कि अंतिम निर्णय से पहले हर पहलू की गहन जांच की जा रही है।

ऊर्जा भविष्य की ओर बढ़ता बिहार
एनपीसीआईएल और एनटीपीसी की टीमों ने बैठक में संभावित स्थलों की तकनीकी व्यवहार्यता पर संक्षिप्त प्रस्तुति दी। इससे यह स्पष्ट हुआ कि बिहार सरकार परमाणु ऊर्जा को लेकर सतर्क लेकिन दूरदर्शी कदम उठा रही है। यदि यह परियोजना जमीन पर उतरती है, तो यह राज्य की ऊर्जा क्षमता, औद्योगिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन—तीनों के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।