बिंदु यादव VIP में शामिल; मुकेश सहनी बोले- बिहार के युवाओं ने बदलाव का मन बना लिया है

मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन बिंदु गुलाब यादव ने वीआईपी पार्टी जॉइन की। इस कदम से बिहार की राजनीति में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। पढ़ें पूरी खबर।

बिंदु यादव VIP में शामिल; मुकेश सहनी बोले- बिहार के युवाओं ने बदलाव का मन बना लिया है

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने मधुबनी में आयोजित भव्य मिलन समारोह के दौरान मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन बिंदु गुलाब यादव और उनके समर्थकों का पार्टी में स्वागत किया। इस समारोह में वीआईपी के प्रमुख नेता जैसे बीके सिंह, नुरुल होदा, देव ज्योति, डॉ. सुनील कुमार, रौशन सहनी, अर्जुन सहनी, लालबाबू सहनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।

शिक्षा, सेवा और नेतृत्व का संगम
बिंदु गुलाब यादव, जिन्होंने पुणे से उच्च शिक्षा प्राप्त की है, ने समाज सेवा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में मधुबनी जिला परिषद की चेयरमैन के रूप में वे सक्रियता से क्षेत्र की सेवा कर रही हैं।

मुकेश सहनी ने उनकी सराहना करते हुए कहा, बिंदु जी के नेतृत्व से न केवल मधुबनी बल्कि पूरे बिहार में पार्टी को मजबूती मिलेगी। उनके पिता भी क्षेत्र में सक्रिय थे, और उनका अनुभव पार्टी के लिए लाभदायक होगा।

वीआईपी का विजन: सामाजिक न्याय और बिहार का विकास
मुकेश सहनी ने अपने वक्तव्य में बिहार में सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, जो भी सामाजिक न्याय की लड़ाई में साथ देना चाहते हैं, वे महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। यह बिहार का समय है कि वह अपने हक की लड़ाई लड़े।

खेल और संसाधन आवंटन पर सवाल
सहनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाते हुए बिहार और गुजरात के बीच संसाधनों के असमान वितरण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, बिहार की 12 करोड़ की आबादी के लिए पिछले 10 वर्षों में केवल 350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। इसी अवधि में गुजरात को 10 गुना अधिक फंड मिला, जबकि बिहार ने 36 मेडल जीते और गुजरात ने केवल 13 मेडल।

बिंदु गुलाब यादव की नई शुरुआत
पार्टी में शामिल होने के बाद, बिंदु यादव ने कहा,  मैंने एक मिशन के तहत वीआईपी में कदम रखा है। यहां नेता, नीति और नियत—तीनों हैं। बिहार को प्रगति के पथ पर आगे ले जाना ही मेरा उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, अगर युवा ठान लें, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं।