बिहार की बिजली कंपनियों की बड़ी छलांग: एनबीपीडीसीएल और एसबीपीडीसीएल को राष्ट्रीय स्तर पर ‘A’ ग्रेड
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की इंटीग्रेटेड रेटिंग में एनबीपीडीसीएल और एसबीपीडीसीएल को ‘A’ ग्रेड मिला। जानिए बिहार की बिजली कंपनियों की इस राष्ट्रीय उपलब्धि की पूरी कहानी।
देशभर में एक बार फिर बिहार की बिजली वितरण व्यवस्था ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग एवं रैंकिंग में ‘A’ ग्रेड हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि वित्तीय अनुशासन, बेहतर संचालन और उपभोक्ता सेवाओं में लगातार हो रहे सुधार का सीधा संकेत मानी जा रही है।
इस सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की विद्युत वितरण कंपनियां न केवल निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति कर रही हैं, बल्कि अपनी कार्यप्रणाली और दक्षता को भी लगातार मजबूत बना रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में दोनों कंपनियां ‘A+’ रेटिंग की दिशा में आगे बढ़ेंगी।
सुधारों की रणनीति से मिला ठोस परिणाम
ऊर्जा सचिव और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह ने इसे विभाग के लिए उत्साहवर्धक उपलब्धि बताया। उनके अनुसार परिचालन सुधार, वित्तीय अनुशासन, डिजिटल पहल और उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं पर किए गए प्रयास अब जमीन पर असर दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था को और मजबूत करने, आपूर्ति की गुणवत्ता बढ़ाने और उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तकनीक आधारित समाधान लगातार अपनाए जाएंगे।
नॉर्थ बिहार डिस्कॉम की मजबूत वापसी
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने 82.02 अंक हासिल कर ‘A’ ग्रेड प्राप्त किया। राष्ट्रीय स्तर पर कंपनी को सभी डिस्कॉम्स में 13वां और राज्य-स्वामित्व वाली यूटिलिटीज़ में 7वां स्थान मिला। पिछले मूल्यांकन में ‘B’ ग्रेड पाने वाली कंपनी के लिए यह बड़ी छलांग मानी जा रही है, जो बिलिंग और संग्रहण दक्षता, एटी एंड सी हानि में कमी तथा वित्तीय प्रबंधन में सुधार को दर्शाती है।
साउथ बिहार डिस्कॉम का भरोसेमंद प्रदर्शन
वहीं साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने 67.37 अंक के साथ ‘A’ ग्रेड हासिल किया। कंपनी को राष्ट्रीय स्तर पर 20वां और राज्य-स्वामित्व वाली यूटिलिटीज़ में 12वां स्थान मिला है। इससे पहले ‘B-’ ग्रेड में रहने वाली एसबीपीडीसीएल ने राजस्व संग्रह, परिचालन नियंत्रण और एसीएस–एआरआर अंतर में कमी के दम पर यह उपलब्धि दर्ज की है।
कड़े मानकों पर खरा उतरा बिहार
पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने देशभर की 65 विद्युत वितरण कंपनियों का 100 अंकों के पैमाने पर मूल्यांकन किया। इसमें एसीएस-एआरआर गैप, बिलिंग और संग्रहण दक्षता, वितरण हानि, अनुदान व्यवस्था और कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे कई अहम मानदंड शामिल थे। इन्हीं अंकों के आधार पर दोनों बिहार डिस्कॉम्स को “अत्यंत उच्च वित्तीय एवं परिचालन प्रदर्शन” की श्रेणी में रखा गया है।
भरोसे और सुधार की राह पर बिहार की बिजली व्यवस्था
कुल मिलाकर यह उपलब्धि बिहार सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा किए जा रहे निरंतर सुधारात्मक प्रयासों, पारदर्शी कार्यशैली और उपभोक्ता-केंद्रित सेवाओं की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान आने वाले वर्षों में बिहार की बिजली कंपनियों के लिए नई संभावनाओं और बेहतर रैंकिंग का रास्ता खोलती है।


आँखें न्यूज़ 24 




