महागठबंधन की दरार! तेजस्वी पर पप्पू यादव का फूटा गुस्सा — 'लालू का बेटा ना होता तो मुखिया भी नहीं बनता'

बिहार बंद में पटना में तेजस्वी यादव और पप्पू यादव के बीच भिड़ंत! ट्रक पर चढ़ने से रोके जाने पर पप्पू का वायरल बयान — 'लालू का बेटा ना होता तो…'

महागठबंधन की दरार! तेजस्वी पर पप्पू यादव का फूटा गुस्सा — 'लालू का बेटा ना होता तो मुखिया भी नहीं बनता'
Pappu yadav and Tejashwi yadav

बुधवार, 9 जुलाई को बिहार बंद के दौरान पटना की सड़कों पर विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। महागठबंधन के इस मार्च की अगुवाई कांग्रेस नेता राहुल गांधी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कर रहे थे। दिल्ली से पटना पहुंचे राहुल गांधी सीधे आयकर गोलंबर से निकले इस मार्च में शामिल हुए और तेजस्वी के साथ ओपन ट्रक पर सवार होकर काफिले का नेतृत्व किया।

लेकिन प्रदर्शन के बीच एक ऐसा वाकया हुआ, जिसने महागठबंधन की आंतरिक कलह को सबके सामने ला दिया। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव और कांग्रेस के युवा चेहरे कन्हैया कुमार को इस मार्च में मंच के बराबर माने जाने वाले ट्रक पर चढ़ने से रोक दिया गया। सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को हाथ दिखाकर ट्रक से दूर रहने को कहा। जबकि कांग्रेस के कई अन्य नेता ट्रक पर चढ़ गए।

तेजस्वी पर बरसे पप्पू यादव: 'नाम हट जाए तो कुत्ता पूछेगा नहीं'
इस घटना के बाद से सोशल मीडिया पर पप्पू यादव का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो तेजस्वी यादव पर जमकर हमला बोलते दिखे। उन्होंने कहा — इसका परिचय क्या है? लालू यादव का बेटा है, बस ना… आज लालू यादव का नाम हट जाए, साया हट जाए, कुत्ता पूछ ले ना। मुखिया का भी चुनाव नहीं जीत पाएगा।

यही नहीं, एक निजी चैनल से बातचीत में भी पप्पू यादव ने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा — तेजस्वी यादव मुझे रोकने वाले कौन होते हैं? जब हम विधायक बने थे, तब वो पैदा भी नहीं हुए थे।

पप्पू यादव के समर्थक इसे उनका अपमान बता रहे हैं, जबकि सत्ताधारी दल के नेता इसे विपक्ष के भीतर की फूट बता कर तंज कस रहे हैं।

ट्रक से उतारे गए कन्हैया कुमार भी रहे खामोश
पप्पू यादव के साथ-साथ कांग्रेस के कन्हैया कुमार को भी ट्रक पर चढ़ने से रोक दिया गया। हालांकि कन्हैया कुमार ने अब तक कोई तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी है। सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब कांग्रेस के कई अन्य नेता ट्रक पर चढ़ सकते हैं, तो पप्पू यादव और कन्हैया को क्यों नहीं?

सियासी मायने: क्या महागठबंधन में बढ़ी दरार?
विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह घटना महागठबंधन में नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान का संकेत है। तेजस्वी और पप्पू यादव के रिश्ते पहले से तल्ख रहे हैं। अब इस नए घटनाक्रम ने इन रिश्तों को और बिगाड़ दिया है।