लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की उम्मीद: क्या कुलदीप यादव अकेले बदल देंगे खेल?

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरा टेस्ट आज से लॉर्ड्स में। सीरीज में 1-1 की बराबरी। क्या कुलदीप यादव की स्पिन इंग्लैंड को ढेर कर देगी? पढ़ें पूरा प्रीव्यू और संभावनाएं।

लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की उम्मीद: क्या कुलदीप यादव अकेले बदल देंगे खेल?
kuldeep yadav

India vs England 3rd Test at Lords: भारत और इंग्लैंड के बीच आज से शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट मुकाबले में सबकी नज़रें कुलदीप यादव पर टिकी हैं। पिच से स्पिनरों को मदद मिल सकती है।

भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज़ फिलहाल 1-1 से बराबर चल रही है। तीसरा टेस्ट मैच आज भारतीय समयानुसार दोपहर 3:30 बजे से लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेला जाएगा। भारत इस मैच को जीतकर सीरीज़ में 2-1 की बढ़त बनाना चाहता है।

इस मुकाबले में सभी की नज़रें जसप्रीत बुमराह और आकाशदीप की घातक तेज़ गेंदबाज़ी पर भले ही हों, लेकिन टीम इंडिया के लिए एक नाम सबसे अहम साबित हो सकता है — कुलदीप यादव।

क्यों खास हैं कुलदीप यादव लॉर्ड्स टेस्ट के लिए?
- इंग्लैंड की पिच पर अब तक कुलदीप यादव को ज़्यादा मौके नहीं मिले हैं।
- लेकिन अगर भारत में उनके प्रदर्शन को देखें, तो इंग्लैंड के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है।
- उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 6 टेस्ट मैचों में 21 विकेट चटकाए, जिसमें मार्च 2024 धर्मशाला टेस्ट में 5 विकेट भी शामिल हैं।
- उस मैच में उन्होंने 15 ओवर में 72 रन देकर मेहमान टीम की कमर तोड़ दी थी और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे।

लॉर्ड्स की पिच पर कैसी होगी गेंदबाज़ों की परीक्षा?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लॉर्ड्स टेस्ट के लिए पिच पर घास छोड़ी जा सकती है, जिससे तेज़ गेंदबाज़ों को शुरुआती फायदा मिलेगा। हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलने लगेगी। तेज़ गेंदबाज़ों द्वारा बनाए गए रफ का फायदा भी स्पिनर्स को मिल सकता है।

अब तक कुलदीप यादव ने अपने टेस्ट करियर में सिर्फ 13 टेस्ट मैच खेले हैं, जिनमें उन्होंने 56 विकेट लिए हैं। इसमें 4 बार उन्होंने एक पारी में 5 या उससे ज़्यादा विकेट चटकाए हैं। रवींद्र जडेजा के साथ उनकी स्पिन जोड़ी इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

भारत का लॉर्ड्स में रिकॉर्ड
- लॉर्ड्स के मैदान पर अब तक भारत और इंग्लैंड के बीच 19 टेस्ट खेले गए हैं।
- इंग्लैंड ने 12 बार जीत हासिल की।
- भारत सिर्फ 3 बार जीता।
- 4 मुकाबले ड्रॉ रहे।

इस बार भारत की नज़रें इस रिकॉर्ड को और बेहतर करने पर हैं।