शुभमन गिल और ऋषभ पंत के रनों की बारिश का क्या है राज? बल्लेबाजी कोच ने किया बड़ा खुलासा
India vs England Test: शुभमन गिल और ऋषभ पंत के धमाकेदार प्रदर्शन का राज़ क्या है? बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कैसे दोनों बल्लेबाजों ने मानसिकता बदलकर रनों की बारिश की।
भारत की टेस्ट टीम के दो युवा सितारे, शुभमन गिल और ऋषभ पंत, इस वक्त इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में अपने करियर के बेहतरीन फॉर्म में नजर आ रहे हैं। दोनों ने न सिर्फ शतक और दोहरे शतक जड़े, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। अब भारत के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया कि आखिर इन दोनों के खेल में इतनी निखार कैसे आया?
शुभमन गिल और ऋषभ पंत की शानदार पारियां
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में शुभमन गिल ने जहां पहले टेस्ट की पहली पारी में शानदार शतक जमाया, वहीं दूसरे टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने दोहरा शतक ठोक दिया। दूसरी पारी में भी उन्होंने शानदार 161 रन बनाए।
वहीं विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत ने भी पहले टेस्ट की दोनों पारियों में ही जबरदस्त बल्लेबाजी की और शतक जड़ा। दोनों खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने सीरीज में भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है।
कप्तानी नहीं, mental approach बदली
सितांशु कोटक का मानना है कि शुभमन गिल के कप्तान बनने से उनके खेल में फर्क नहीं पड़ा। कोच के मुताबिक असली बदलाव उनकी mental approach में आया।
'मुझे नहीं लगता कि कप्तानी की वजह से गिल में कोई बड़ा बदलाव आया। असली फर्क उनकी मानसिकता में है। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान ही हमने देखा कि दोनों ने तकनीक के साथ-साथ मानसिक सोच पर भी काम किया। अब दोनों यही सोचते हैं कि भारतीय बल्लेबाज को क्रीज पर ज्यादा देर टिकना है।'
खराब गेंद को सजा देना और धैर्य रखना सीखा
कोटक के मुताबिक अब दोनों बल्लेबाजों की सोच ये है कि खराब गेंद को तुरंत बाउंड्री के बाहर भेजना है, लेकिन सही समय तक इंतजार भी करना है।
"गिल अब 140-150 गेंद में शतक बना रहे हैं। पहले टेस्ट में उन्होंने जल्दीबाजी की थी लेकिन अगले टेस्ट में उन्होंने धैर्य रखा।"
ऋषभ पंत की खासियत – प्लानिंग और फोकस
ऋषभ पंत के खेल पर कोटक ने कहा कि वो बल्लेबाजी के दौरान ज्यादा बातचीत पसंद नहीं करते।
'पंत ने मुझसे कहा कि बैटिंग के दौरान ज्यादा बात करने से उनकी मानसिकता पर असर पड़ता है और गलत फैसले हो सकते हैं। वो हर शतक के लिए प्लान बनाते हैं और दूसरे बल्लेबाजों को भी गाइड करते रहते हैं। बिना योजना बनाए शतक बनाना आसान नहीं।'


Aankhen 




