चुनाव आयोग का बड़ा बयान: 'हम सभी पार्टियों के लिए समान, वोट चोरी जैसे शब्द भ्रामक'
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव आयोग किसी भी पार्टी या नागरिक के साथ भेदभाव नहीं करता। बिहार से SIR की शुरुआत हो रही है जिसमें 7 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। 'वोट चोरी' जैसे शब्द भ्रामक बताए।
बिहार से शुरू हो रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) को लेकर विपक्ष के आरोपों के बीच भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग किसी भी पार्टी या नागरिक के साथ भेदभाव नहीं करता। सभी पार्टियां और मतदाता आयोग के लिए समान हैं। उन्होंने साफ किया— हर राजनीतिक दल का जन्म चुनाव आयोग में पंजीकरण से होता है, ऐसे में आयोग पक्षपाती कैसे हो सकता है। हमारे लिए कोई पक्ष-विपक्ष नहीं, सभी बराबर हैं।
बिहार से शुरू हो रहा SIR, 7 करोड़ मतदाता शामिल
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की शुरुआत बिहार से की जा रही है। इस प्रक्रिया में राज्य के 7 करोड़ मतदाता सीधे चुनाव आयोग के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने विपक्ष पर इशारा करते हुए कहा कि ‘वोट चोरी’ जैसे गलत शब्दों का प्रयोग भ्रामक और जनता को गुमराह करने वाला है।
'आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति'
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में चुनाव आयोग को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा— चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति की जा रही है। लेकिन आयोग इन झूठे आरोपों से डरने वाला नहीं है। हम संवैधानिक प्रक्रिया से पीछे नहीं हटेंगे और पारदर्शिता के साथ चुनाव कराएंगे।
'झूठे आरोपों से नहीं डरता चुनाव आयोग'
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग ने दोहराया कि वह कानून और संविधान के दायरे में काम करता है। मतदाताओं को भ्रमित करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन चुनाव आयोग सभी मतदाताओं के साथ खड़ा है और निष्पक्ष चुनाव कराएगा।


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