अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: एरॉन जॉर्ज के शतक से भारत फाइनल में, अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया

आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत ने अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई। एरॉन जॉर्ज के शतक और वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी से भारत की शानदार जीत।

अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026: एरॉन जॉर्ज के शतक से भारत फाइनल में, अफगानिस्तान को 7 विकेट से हराया
Vaibhav Suryavanshi

आईसीसी मेन्स अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को सात विकेट से मात दी। बुधवार 4 फरवरी को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने 311 रनों के विशाल लक्ष्य को सिर्फ 41.1 ओवर में हासिल कर लिया और फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।

एरॉन जॉर्ज की शतकीय पारी बनी जीत की नींव
भारतीय टीम की जीत के सबसे बड़े नायक एरॉन जॉर्ज रहे, जिन्होंने दबाव भरे मुकाबले में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 115 रनों की शानदार पारी खेली। जॉर्ज ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए अफगान गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया और भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

वैभव सूर्यवंशी की तूफानी शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी और एरॉन जॉर्ज ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 90 रनों की साझेदारी कर अफगानिस्तान की गेंदबाजी की धार कुंद कर दी। वैभव ने मात्र 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और दर्शकों को आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नजारा दिखाया।

वैभव की विस्फोटक पारी का अंत
अर्धशतक के बाद वैभव सूर्यवंशी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके, लेकिन तब तक वह अपना काम कर चुके थे। उन्होंने 33 गेंदों पर 68 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे। नूरिस्तानी उमरजई की गेंद पर ओस्मान सादात ने उनका कैच लपका और अफगानिस्तान को पहली सफलता दिलाई।

अफगानिस्तान की ठोस बल्लेबाजी
इससे पहले अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए चार विकेट के नुकसान पर 310 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। ओस्मान सादात और खालिद अहमदजई ने पारी की अच्छी शुरुआत की और पहले विकेट के लिए 53 रन जोड़े। दीपेश देवेंद्रन ने खालिद को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।

मध्यक्रम में अफगान बल्लेबाजों का संघर्ष
खालिद के आउट होने के बाद ओस्मान सादात और फैसल शिनोजादा ने दूसरे विकेट के लिए 64 रनों की साझेदारी की। हालांकि कनिष्क चौहान ने ओस्मान को अपनी फिरकी में फंसाकर भारत को दूसरी सफलता दिलाई और मैच को संतुलन की ओर मोड़ा।

शिनोजादा और नियाजई की शतकीय साझेदारी
यहां से फैसल शिनोजादा और उजैरुल्लाह नियाजई ने भारतीय गेंदबाजों को कड़ी चुनौती दी। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 148 रनों की बड़ी साझेदारी हुई। शिनोजादा ने 93 गेंदों पर 110 रन बनाए, जबकि नियाजई ने 86 गेंदों पर नाबाद 101 रन की पारी खेली।

भारतीय गेंदबाजों का संघर्ष
अफगान बल्लेबाजों की इस साझेदारी के सामने भारतीय गेंदबाजों को संघर्ष करना पड़ा। हालांकि कनिष्क चौहान भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज रहे और उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट झटके।

फाइनल में भारत-इंग्लैंड की टक्कर तय
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बना ली है, जहां उसका सामना इंग्लैंड से होगा। इंग्लैंड ने पहले सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया को 27 रनों से हराया था। टूर्नामेंट का खिताबी मुकाबला 6 फरवरी को हरारे में खेला जाएगा।