ऑपरेशन सिंदूर: एयर चीफ मार्शल ने बताया कैसे भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के F-16 हैंगर को बनाया निशाना

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा करते हुए बताया कि भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के तीन हैंगरों पर सटीक हमला किया जिसमें F-16 सहित 4-5 विमान हिट हुए। जानिए ऑपरेशन की रणनीति, तीनों सेनाओं का तालमेल और भारत की फ्यूचर-रेडी योजनाएँ।

ऑपरेशन सिंदूर: एयर चीफ मार्शल ने बताया कैसे भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के F-16 हैंगर को बनाया निशाना
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह

वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का विस्तृत ब्यौरा देते हुए बताया कि अभियान के दौरान भारतीय विमानों ने पाकिस्तान के अंदर 300 किलोमीटर तक उड़ान भरकर तीन हैंगरों पर निशाना साधा, जिनमें करीब 4-5 विमान हिट हुए — इनमें F-16 हैंगर भी शामिल था तथा कुछ सर्विलांस विमानों को भी निशाना बनाया गया था। उन्होंने तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल, लंबी दूरी के एसएएमों की क्षमता और आत्मनिर्भरता की तैयारियों पर भी जोर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर को वह कार्रवाई बताया जा सकता है जो एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ जल्दी और निर्णायक ढंग से की गई थी। एयर चीफ के मुताबिक इस अभियान का लक्ष्य सीमित, ठोस और निर्णायक था, ताकि वह जल्दी समाप्त हो और अनावश्यक वृद्धि न हो। उन्होंने कहा कि दुनिया में कई लंबी लड़ाइयाँ चल रही हैं, पर हमारा उद्देश्य था उन दोषपूर्ण घटनाओं को ऐसी स्थिति तक पहुँचाना जहाँ विरोधी पक्ष युद्धविराम की माँग करे।

हमले की तकनीकी झलक
ऑपरेशन में हमारे विमान 300 किलोमीटर तक पाकिस्तान के अंदर तक गए और लक्ष्यों पर सटीक वार किए गए। ऑपरेशन के दौरान तीन हैंगरों पर हमला हुआ, जिनमें से एक हैंगर F-16 के लिए था, इसलिए एयर चीफ ने साफ कहा कि F-16 को भी नुकसान पहुंचा है। साथ ही कुछ सर्विलांस विमानों को भी टार्गेट किया गया था, जिससे दुश्मन की निगरानी क्षमताओं पर असर पड़ा।

तीनों सेनाओं का तालमेल और रणनीति
वायुसेना प्रमुख ने बताया कि इस ऑपरेशन में थ्री-फोर्स कोऑर्डिनेशन बेहतरीन रहा। एयर, आर्मी और नेवी ने मिलकर लक्ष्य निर्धारित किया और ऑपरेशन को बिना किसी बड़े घिसाव के प्रभावी ढंग से अंजाम दिया। उन्होंने यह भी कहा कि निर्देश बहुत स्पष्ट थे और मिशन के दौरान उसे सख्ती से पालन किया गया।

रक्षा तैयारियाँ और भविष्य की तैयारियाँ
एयर चीफ ने हाल में खरीदे गए लंबी दूरी के SAM सिस्टम की भूमिका का जिक्र करते हुए बताया कि इन प्रणालियों की मदद से हम दुश्मन के रडार और SAM क्षेत्र के भी भीतर तक देख और ऑपरेट कर सकते हैं। उन्होंने आत्मनिर्भरता की ज़रूरत, तेजस और LCA Mark-1A, HAL प्रचंड के R&D और Indian Multi-Role Helicopter (IMRH) की योजना पर भी बात की। विजन 2047 और फ्यूचर-रेडी तैयारियों को वायुसेना की प्राथमिकता बताया गया।

एयर चीफ का संदेश यह है कि तेज़, परिपक्व और स्पष्ट-उद्देश्य वाली कार्रवाइयाँ आज के जटिल वैश्विक माहौल में प्रभावी साबित होती हैं। उन्होंने दुनिया को यह सिखाने की बात भी की कि किस तरह सीमित लक्ष्यों पर निर्णायक कार्रवाई कराकर स्थिरता की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है।