इरान-अमेरिका संघर्ष: न्यूक्लियर साइट्स पर हमले से बढ़ा विवाद, ट्रंप के फैसले पर गर्माया सीनेट
ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर अमेरिका के हमले ने सीनेट में गर्मागर्म बहस छेड़ दी। पढ़ें डोनाल्ड ट्रंप के रुख और सीनेट में रिपब्लिकन-डेमोक्रेट के टकराव की पूरी कहानी।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने तब एक नया मोड़ ले लिया जब अमेरिका ने ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट्स पर हमला किया। इस हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना और समर्थन के स्वर दोनों ही तेज हो गए। शुक्रवार को सीनेट में इस मुद्दे पर डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों को सीमित करने की कोशिश असफल हो गई।
डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रस्ताव और रिपब्लिकन का विरोध
डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम कैन द्वारा लाए गए प्रस्ताव का उद्देश्य था कि ईरान के खिलाफ किसी भी नई सैन्य कार्रवाई से पहले ट्रंप को कांग्रेस से अनुमति लेनी पड़े। हालांकि, रिपब्लिकन पार्टी ने बहुमत का उपयोग करते हुए इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
सीनेट में रिपब्लिकन का बहुमत: 53-47 का समीकरण रिपब्लिकन के पक्ष में है, जिससे ट्रंप के फैसलों को मजबूत समर्थन मिलता है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया: निर्णायक और स्पष्ट
जब शुक्रवार को उनसे पूछा गया कि क्या वह फिर से ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी करेंगे, ट्रंप ने साफ तौर पर कहा, हां, जरूर बिना किसी सवाल के। रिपब्लिकन नेताओं ने भी उनके इस रुख का समर्थन किया, यह तर्क देते हुए कि ईरान एक गंभीर खतरा है और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है।


आँखें न्यूज़ 24 




