JEE Main 2026 Result: बिहार के शुभम कुमार बने 100 Percentile ऑल इंडिया टॉपर, गयाजी से कोटा तक की प्रेरक कहानी

JEE Main 2026 सेशन 1 में बिहार के शुभम कुमार ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर ऑल इंडिया टॉपर बनने का गौरव पाया। जानिए गयाजी से कोटा तक की उनकी पूरी सफलता कहानी।

JEE Main 2026 Result: बिहार के शुभम कुमार बने 100 Percentile ऑल इंडिया टॉपर, गयाजी से कोटा तक की प्रेरक कहानी
Shubham Kumar

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम मेन 2026 सेशन 1 का रिजल्ट जारी होते ही देशभर में टॉपर्स को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इस बार कुल 12 अभ्यर्थियों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है, जिनमें बिहार के शुभम कुमार का नाम भी शामिल है। शुभम ने न सिर्फ ऑल इंडिया लेवल पर टॉप किया है, बल्कि बिहार स्टेट टॉपर बनकर राज्य का नाम भी रोशन किया है।

ऑल इंडिया टॉपर बनकर शुभम कुमार सुर्खियों में
बिहार के गयाजी से ताल्लुक रखने वाले शुभम कुमार इन दिनों सफलता की मिसाल बने हुए हैं। 100 पर्सेंटाइल के साथ संयुक्त रूप से टॉप करने के बाद शुभम की मेहनत और संघर्ष की कहानी हर छात्र के लिए प्रेरणा बन गई है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों के साथ छोटे शहर से भी देश के सबसे कठिन एग्जाम में टॉप किया जा सकता है।

साधारण परिवार, असाधारण सफलता
शुभम कुमार मूल रूप से गयाजी के नादरगंज ब्राह्मणी घाट इलाके के रहने वाले हैं। उनके पिता शिवकुमार गयाजी के रमना रोड पर हार्डवेयर की दुकान चलाते हैं, जबकि मां कंचन देवी गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने शुभम की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी, जिसका नतीजा आज पूरे देश के सामने है।

गयाजी से कोटा तक शिक्षा का सफर
शुभम की स्कूली शिक्षा भी गयाजी में ही पूरी हुई। उन्होंने 10वीं की पढ़ाई नजरथ एकेडमी से की, जबकि 12वीं की पढ़ाई ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल से पूरी की। स्कूलिंग के बाद इंजीनियरिंग के सपने को साकार करने के लिए शुभम ने कोचिंग हब कोटा का रुख किया, जहां बीते एक साल से वह लगातार तैयारी कर रहे थे।

10 घंटे की पढ़ाई और मजबूत रणनीति
कोटा में रहकर शुभम ने अनुशासन के साथ रोजाना करीब 10 घंटे पढ़ाई की। इसी निरंतर मेहनत ने उन्हें JEE Main 2026 में 100 पर्सेंटाइल तक पहुंचाया। शुभम का मानना है कि सही रणनीति, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास किसी भी परीक्षा में सफलता की कुंजी है।

बहन से मिली IIT तक पहुंचने की प्रेरणा
इंजीनियरिंग की ओर शुभम को प्रेरित करने में उनकी बहन की भी अहम भूमिका रही है। शुभम की बहन वर्तमान में आईआईटी पटना में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। परिवार में पहले से मौजूद इस शैक्षणिक माहौल ने शुभम को भी आईआईटी तक पहुंचने का सपना देखने की प्रेरणा दी।

परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस बड़ी सफलता का श्रेय शुभम ने माता-पिता के सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और कोचिंग के सही दिशा-निर्देशन को दिया है। उनका कहना है कि धैर्य और निरंतर प्रयास के बिना कोई भी बड़ी उपलब्धि संभव नहीं है। अब शुभम की नजर JEE Advanced और देश के शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले पर है।