मैथिली ठाकुर का नया सुर: क्या बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेगी लोकगायिका? BJP से मुलाकात के बाद सियासत में हलचल
बिहार की प्रसिद्ध लोकगायिका मैथिली ठाकुर के राजनीति में उतरने की चर्चाएं तेज हैं। भाजपा नेताओं विनोद तावड़े और नित्यानंद राय से मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वे दरभंगा से चुनाव लड़ सकती हैं। जानिए उनकी जीवन यात्रा और राजनीतिक संभावनाएं।
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की सियासत में एक नया नाम सुर्खियों में है—लोकप्रिय लोकगायिका मैथिली ठाकुर। शास्त्रीय संगीत, भजन और मैथिली लोकगीतों से लाखों दिलों में जगह बना चुकीं मैथिली अब राजनीति के मैदान में कदम रख सकती हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की है। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे दरभंगा की किसी सीट से चुनाव लड़ सकती हैं।
विनोद तावड़े की पोस्ट से बढ़ी अटकलें
5 अक्टूबर को विनोद तावड़े ने अपने X हैंडल (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— 1995 में लालू राज के दौरान बिहार छोड़ने वाले परिवार की बिटिया मैथिली ठाकुर अब बदलते बिहार को देखकर लौटना चाहती हैं। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय और मैंने उनसे आग्रह किया कि वे बिहार की जनता और विकास में योगदान दें। बिहार की बिटिया मैथिली ठाकुर जी को शुभकामनाएं!
इस पोस्ट के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह अटकलें और भी तेज हो गईं कि मैथिली ठाकुर अब राजनीति में अपनी नई पारी शुरू कर सकती हैं।
बिहार की मिट्टी से जुड़ी कलाकार
मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी में हुआ था। उनके पिता रमेश ठाकुर संगीत शिक्षक हैं, जबकि माता भारती ठाकुर गृहिणी हैं। बचपन से ही संगीत में रुचि रखने वाली मैथिली अपने दो भाइयों ऋषभ और अयाची ठाकुर के साथ मंच पर परफॉर्म करती हैं।
उन्होंने टीवी के कई लोकप्रिय शो में हिस्सा लिया, जैसे—‘सा रे गा मा पा लिटिल चैंप्स’ और ‘राइजिंग स्टार (2017)’, जहां उनकी आवाज़ ने सबका दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर भी उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो उन्हें “Voice of Bihar” कहते हैं।
सम्मान और सादगी से भरी शख्सियत
मैथिली ठाकुर ने कभी बॉलीवुड का रुख नहीं किया, बल्कि भारतीय लोकसंस्कृति को अपनी पहचान बनाया। उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें शामिल हैं—
- उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार (संगीत नाटक अकादमी, 2021)
- लोकमत सुर ज्योत्सना नेशनल म्यूजिक अवॉर्ड
- नेशनल क्रिएटर्स अवॉर्ड (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा, 2024)
उनकी सादगी और लोकसंस्कृति से जुड़ाव उन्हें आम जनता के करीब बनाता है। यही वजह है कि अगर वे भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरती हैं, तो वे पार्टी के लिए एक भावनात्मक और सांस्कृतिक चेहरा साबित हो सकती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मैथिली ठाकुर की लोकप्रियता दरभंगा और मिथिलांचल क्षेत्र में भाजपा के लिए “Soft Power Connect” बन सकती है। वे युवाओं और महिला मतदाताओं के बीच अच्छी पैठ रखती हैं। अगर पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है, तो यह भाजपा के लिए संस्कृति और राजनीति का अद्भुत संगम साबित हो सकता है।


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