नए लेबर कोड पर बड़ा अपडेट: अब कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी कम होने की चिंता पूरी तरह खत्म
नए लेबर कोड को लेकर कर्मचारियों में टेक-होम सैलरी कम होने की चिंता थी। सरकार ने साफ किया है कि PF की 15000 रुपये सीमा जारी रहेगी और सैलरी हाथ में पहले जैसी ही मिलेगी। जानें पूरा अपडेट।
पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर एक ही सवाल तेजी से घूम रहा था—क्या नए लेबर कोड के आने से कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी कम हो जाएगी। खासकर वह डर कि कंपनियां बेसिक सैलरी बढ़ाने पर मजबूर होंगी और उसी के साथ PF कटौती भी बढ़ जाएगी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है और साफ कहा है कि PF के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, इसलिए टेक-होम सैलरी पर भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सरकार की सफाई
PF सीमा 15000 रुपये—इसी पर होगी गणना
श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक EPF की गणना 15000 रुपये की निर्धारित सीमा (statutory limit) पर हो रही है, कर्मचारियों का PF पहले जैसा ही कटेगा। यानी चाहे आपकी बेसिक 20,000 हो, 30,000 हो या कंपनी उसे बढ़ाकर 40,000 कर दे, न्यूनतम बाध्यकारी PF कटौती सिर्फ 15000 रुपये पर ही होगी।
नए लेबर कोड में बदला क्या है?
नए प्रावधान के अनुसार, किसी भी कर्मचारी की कुल सैलरी में बेसिक, डीए और रिटेनिंग अलाउंस मिलाकर कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा होना चाहिए। कई कंपनियां पहले बेसिक को बहुत कम रखकर अलाउंस बढ़ा देती थीं ताकि PF जैसी देनदारियां कम हों। नया लेबर कोड इसी सिस्टम को संतुलित करता है।
बेसिक बढ़ने का मतलब PF बढ़ना नहीं
मान लीजिए किसी कर्मचारी की सैलरी 60,000 रुपये है और कंपनी ने पहले सिर्फ 20,000 रुपये बेसिक रखा था। अब नए नियम के तहत अलाउंस को 50% तक सीमित करने पर 10,000 रुपये अलाउंस से निकालकर बेसिक में जोड़ दिए गए और बेसिक 30,000 हो गया। लेकिन यह सिर्फ कागज़ी बदलाव है—PF अभी भी 15,000 रुपये पर ही कैलकुलेट होगा।
PF कितना कटेगा? सरकार का फॉर्मूला वही
15000 रुपये पर 12% की दर से कंपनी और कर्मचारी दोनों का PF 1800–1800 रुपये ही कटेगा। पहले भी इतना ही PF कटता था और नए कोड के बाद भी यही कटेगा। इस तरह 60,000 की सैलरी में से सिर्फ 3600 रुपये काटे जाएंगे और टेक-होम 56,400 रुपये ही मिलेगा—जैसा पहले मिलता था वैसा ही अब भी मिलेगा।
PF की 15000 रुपये वाली सीमा क्यों जरूरी है?
यदि यह सीमा न हो, तो बेसिक बढ़ते ही PF भी स्वतः बढ़ जाता और हाथ में आने वाली राशि कम हो जाती। यही कैप कर्मचारियों को बचाती है और टेक-होम सैलरी को स्थिर रखती है। लेबर यूनियन चाहती हैं कि यह सीमा बढ़ाई जाए ताकि लंबे समय में PF बढ़े, लेकिन सरकार ने अभी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है।
नया लेबर कोड कर्मचारियों को कैसे फायदा देगा?
सरकार का कहना है कि लेबर कोड का मकसद सैलरी स्ट्रक्चर को एकरूप बनाना है। इससे बेसिक और अलाउंस का बैलेंस सही होता है, जिससे PF, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाएं भविष्य में ज्यादा बेहतर मिलेंगी। लेकिन टेक-होम सैलरी को लेकर कर्मचारियों को कोई टेंशन लेने की जरूरत नहीं है।


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