बिहार दौरे पर पीएम मोदी: प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, कहा- ‘विकास नहीं, सिर्फ वोट’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बिहार यात्रा पर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने तीखा हमला किया। उन्होंने रोजगार, पलायन और औद्योगिक विकास को लेकर कई सवाल खड़े किए।

बिहार दौरे पर पीएम मोदी: प्रशांत किशोर ने उठाए सवाल, कहा- ‘विकास नहीं, सिर्फ वोट’
prashant kishor

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को बिहार यात्रा पर हैं, जहां उनका प्रमुख कार्यक्रम सीवान में आयोजित किया गया है। लेकिन इस दौरे को लेकर जन सुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्रशांत किशोर का हमला: चुनावी रणनीति पर सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा, यह पहली बार नहीं है जब प्रधानमंत्री बिहार आ रहे हैं। हर चुनाव के समय पीएम मोदी एक बार नहीं, पांच बार नहीं, बल्कि 10 बार तक आते हैं। लेकिन उनकी यात्रा का उद्देश्य बिहार के विकास के लिए नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और एनडीए के लिए वोट मांगना होता है।

PK ने सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार की जनता को क्या लाभ मिलेगा, यह भविष्य की बात है। लेकिन इस दौरे का खर्च बिहार सरकार उठा रही है, जो अंततः बिहार के लोगों की जेब से जा रहा है।

औद्योगिक विकास पर कटाक्ष
मढ़ौरा में लोकोमोटिव फैक्ट्री के उद्घाटन को लेकर प्रशांत किशोर ने कहा, फैक्ट्री तो पहले से ही है। मढ़ौरा में चीनी मिल और औद्योगिक केंद्र थे, लेकिन उन पर चर्चा नहीं हो रही।” उन्होंने बिहार के औद्योगिक विकास की कमी पर भी निशाना साधा और कहा कि पीएम मोदी को बताना चाहिए कि बिहार के बच्चों का पलायन कब रुकेगा।

रोजगार और पलायन पर बड़ा सवाल
प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार के लोग पिछले 10-12 वर्षों से देख रहे हैं कि घोषणाएं तो होती हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ नहीं होता। मोदी जी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कब इतनी फैक्ट्रियां लगेंगी कि बिहार के लोगों को 10,000 रुपये के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा।

गुजरात और बिहार की तुलना
प्रशांत किशोर ने पीएम मोदी के विकास मॉडल की तुलना करते हुए कहा, “गुजरात में जिस तरह मोदी जी विकास की बात करते हैं, उसी तरह अगर वह बिहार में बात करेंगे, तभी यहां के लोग संज्ञान लेंगे। बिहार से 30 से अधिक सांसद बीजेपी के हैं। जनता ने इन्हें इसलिए चुना था कि बिहार की स्थिति बदलेगी, लेकिन हालात जस के तस हैं।

बिहार के लोगों की अपेक्षाएं
प्रशांत किशोर ने कहा, बिहार के लोगों की यही उम्मीद है कि उनके बच्चों के लिए रोजगार यहीं उपलब्ध हो। सिर्फ गुजरात और महाराष्ट्र में ही फैक्ट्रियां न लगें। बिहार के बच्चे मजदूरी करने के लिए दूसरे राज्यों में न जाएं।