PM मोदी की ऐतिहासिक साइप्रस यात्रा, लोकतंत्र और कानून के शासन में नए आयाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साइप्रस यात्रा ने भारत और साइप्रस के संबंधों को नई ऊंचाई पर पहुंचाया। इस यात्रा में प्रधानमंत्री को साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए कई अहम समझौते हुए। जानिए इस ऐतिहासिक यात्रा की सभी मुख्य बातें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी ऐतिहासिक यात्रा के दौरान साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडोलाइड्स के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा की। इस यात्रा ने भारत-साइप्रस के बीच लोकतंत्र, कानून के शासन और आपसी विश्वास को और गहरा किया।
प्रधानमंत्री को मिला सर्वोच्च सम्मान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को साइप्रस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ मकारियोस तृतीय’ से सम्मानित किया गया। इस सम्मान को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "यह केवल मेरा नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और साइप्रस की अटूट मित्रता की पहचान है।" उन्होंने यह सम्मान दोनों देशों की ऐतिहासिक दोस्ती को समर्पित किया।
द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा
साइप्रस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती देने पर जोर दिया। उन्होंने साइप्रस के विजन 2035 और भारत के विकसित भारत 2047 अभियान के सामंजस्य पर प्रकाश डाला। दोनों देशों ने आतंकवाद, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई में सहयोग के लिए एक नई रणनीति तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई।
आर्थिक सहयोग की नई पहल
प्रधानमंत्री मोदी और साइप्रस के राष्ट्रपति ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकनॉमिक कॉरिडोर को क्षेत्रीय शांति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। साथ ही, साइबर और मैरीटाइम सिक्योरिटी पर चर्चा के लिए अलग संवाद शुरू करने पर सहमति व्यक्त की।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता को समर्थन
साइप्रस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया। प्रधानमंत्री ने इसके लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और मजबूती देगा।
वैश्विक संघर्षों पर चिंता
दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और यूरोप में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि “यह युद्ध का युग नहीं है” और शांति स्थापना के प्रयासों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
भविष्य की साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आने वाले समय में भारत और साइप्रस की साझेदारी नई ऊंचाइयों को छुएगी। हम न केवल अपने देशों की प्रगति को मजबूत करेंगे, बल्कि वैश्विक शांति और सुरक्षा में भी योगदान देंगे।


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