संसद परिसर में राहुल–बिट्टू आमने-सामने, ‘गद्दार’ बनाम ‘देश का दुश्मन’ से गरमाई सियासत

संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखा विवाद, ‘गद्दार’ और ‘देश का दुश्मन’ बयान से गरमाई राजनीति। भारत-अमेरिका ट्रेड डील और भारत-चीन संघर्ष पर भी विपक्ष का हमला।

संसद परिसर में राहुल–बिट्टू आमने-सामने, ‘गद्दार’ बनाम ‘देश का दुश्मन’ से गरमाई सियासत

संसद परिसर में बुधवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी तथा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। मामला उस वक्त गरमा गया जब राहुल गांधी ने बिट्टू को खुलेआम “गद्दार” कह दिया। इस टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री ने भी पलटवार करते हुए राहुल गांधी को “देश का दुश्मन” बताया। दोनों नेताओं के बीच यह बहस कुछ ही पलों में राजनीतिक सुर्खियों का बड़ा कारण बन गई।

हाथ बढ़ाया राहुल ने, लेकिन बिट्टू ने ठुकराया
तनाव के बीच राहुल गांधी ने माहौल को हल्का करने की कोशिश करते हुए बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाया और कहा, “नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो, तुम वापस आ जाओगे।” हालांकि रवनीत सिंह बिट्टू ने हाथ मिलाने से साफ इनकार कर दिया और उनकी प्रतिक्रिया पहले से भी ज्यादा तीखी रही। यह दृश्य संसद परिसर में मौजूद कई सांसदों और मीडियाकर्मियों ने देखा।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में गए बिट्टू, पुरानी पार्टी से बढ़ी दूरी
गौरतलब है कि रवनीत सिंह बिट्टू लंबे समय तक कांग्रेस का हिस्सा रह चुके हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि को लेकर राहुल गांधी ने उन्हें निशाने पर लिया और “गद्दार दोस्त” कहकर संबोधित किया, जिस पर बीजेपी नेता का पलटवार और भी आक्रामक हो गया।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर संसद में कांग्रेस का विरोध
इस विवाद के समानांतर संसद परिसर में कांग्रेस सांसद भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए। सांसदों ने संसद की सीढ़ियों पर “PM Compromised हैं” लिखे पोस्टर दिखाए। राहुल गांधी ने एक दिन पहले भी मीडिया से बातचीत में इसी मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।

बजट सत्र में विपक्षी सांसदों का निलंबन बना बड़ा मुद्दा
मंगलवार को बजट सत्र के दौरान आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया था। निलंबित किए गए सांसदों में गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिकम टैगोर, डॉ. प्रशांत यादवराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन शामिल हैं। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कार्रवाई बताया।

2020 भारत-चीन संघर्ष पर किताब का हवाला देने से रोके गए राहुल
संसद में हंगामे की शुरुआत सोमवार को उस वक्त हुई जब राहुल गांधी को 2020 के भारत-चीन सीमा संघर्ष से जुड़े एक लेख को पढ़ने से रोक दिया गया। यह लेख पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की एक अप्रकाशित किताब पर आधारित था। राहुल गांधी इस मुद्दे पर लगातार सरकार से जवाब मांगते रहे।

राहुल का आरोप—सेना को फैसले के वक्त अकेला छोड़ा गया
बुधवार को राहुल गांधी ने कहा कि देश के हर युवा को जनरल नरवणे की किताब पढ़नी चाहिए, क्योंकि उसमें लद्दाख संघर्ष का विस्तृत विवरण मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चीनी टैंक कैलाश रेंज तक पहुंच गए थे, तब सेना को स्पष्ट राजनीतिक निर्देश नहीं मिले। राहुल के अनुसार, पूर्व आर्मी चीफ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य शीर्ष अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन कोई सीधा जवाब नहीं मिला।

‘जो उचित समझो वो करो’—राहुल ने PM पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने दावा किया कि अंततः सेना को यही संदेश मिला कि “जो उचित समझो, वो करो।” उनके मुताबिक, यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जिम्मेदारी से पीछे हटने जैसा था। राहुल ने कहा कि जनरल नरवणे ने अपनी किताब में लिखा है कि उस वक्त वे खुद को बेहद अकेला महसूस कर रहे थे और पूरा सिस्टम मानो उनके साथ खड़ा नहीं था।