डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नाम पर गैस सिलेंडर लेने का आरोप, पटना में हैरान करने वाला मामला

पटना में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नाम पर गैस एजेंसी से सिलेंडर लेने का मामला सामने आया है। कार्यालय ने आरोपों को बेबुनियाद बताया और जांच की बात कही है।

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नाम पर गैस सिलेंडर लेने का आरोप, पटना में हैरान करने वाला मामला
Samrat Choudhary

बिहार की राजधानी पटना में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के नाम का इस्तेमाल कर गैस सिलेंडर लेने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग खुद को सरकारी अधिकारी बताकर एक गैस एजेंसी से सिलेंडर ले गए। घटना के सामने आने के बाद डिप्टी सीएम कार्यालय ने इस पूरे प्रकरण को गलत बताते हुए इससे पूरी तरह पल्ला झाड़ लिया है और मामले की जांच कराने की बात कही है।

खुद को अधिकारी बताकर पहुंचे लोग
बताया जा रहा है कि यह घटना पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थित सत्या गैस एजेंसी की है। गुरुवार को कुछ लोग एजेंसी पर पहुंचे और खुद को अनुमंडल पदाधिकारी बताते हुए कहा कि वे डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के यहां से आए हैं। एजेंसी के कर्मचारी सोनम कुमार के अनुसार उन लोगों ने पहले एक साथ 15 एलपीजी सिलेंडर देने की मांग की।

गोदाम में मिले चार सिलेंडर लेकर चले गए
एजेंसी के कर्मचारी ने जब गोदाम में उपलब्ध सिलेंडरों की जानकारी दी तो वहां केवल चार भरे हुए सिलेंडर मौजूद थे। कर्मचारियों का कहना है कि इसके बाद वे लोग वही चारों सिलेंडर लेकर चले गए। एजेंसी के कर्मियों के मुताबिक उन लोगों ने खुद को वीवीआईपी बताते हुए कहा कि उन्हें सामान्य उपभोक्ताओं की तरह नंबर लगाकर सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं होती।

डिप्टी सीएम कार्यालय ने आरोप नकारे
मामले की जानकारी सामने आने के बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के कार्यालय की ओर से इस पूरे घटनाक्रम को सिरे से खारिज कर दिया गया है। डिप्टी सीएम के आप्त सचिव शैलेंद्र ओझा ने साफ कहा कि कार्यालय की ओर से किसी भी गैस एजेंसी से एलपीजी सिलेंडर मंगाने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है और इस तरह का दावा पूरी तरह बेबुनियाद है।

कार्यालय में एसडीओ का पद ही नहीं
आप्त सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि डिप्टी सीएम कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी का कोई पद ही नहीं है। ऐसे में किसी एसडीओ द्वारा गैस एजेंसी से सिलेंडर मंगाने या दबाव बनाने की बात पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्य के इस तरह की बातें फैलाने से भ्रम की स्थिति पैदा होती है।

नाम का गलत इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। यदि किसी व्यक्ति ने डिप्टी सीएम के नाम का गलत इस्तेमाल किया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।