ट्रंप का बड़ा ऐलान: सर्जियो गोर होंगे भारत में नए अमेरिकी राजदूत, मस्क से टकराव और राजनीतिक वफादारी से बनी पहचान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सर्जियो गोर को भारत में नया अमेरिकी राजदूत नियुक्त किया। गोर ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं और एलन मस्क के साथ उनकी टकराव की खबरें हाल ही में सुर्खियों में रही हैं। गोर की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब भारत-अमेरिका रिश्तों में तनाव बढ़ा हुआ है।

ट्रंप का बड़ा ऐलान: सर्जियो गोर होंगे भारत में नए अमेरिकी राजदूत, मस्क से टकराव और राजनीतिक वफादारी से बनी पहचान
Donald Trump and Sergio Gor

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शुक्रवार को भारत में नए अमेरिकी राजदूत (US Ambassador to India) के तौर पर सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति की घोषणा की। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में खटास बढ़ी हुई है। दरअसल, अगले हफ्ते से भारत से आने वाले सामान पर अमेरिकी टैरिफ (US Tariff Hike) दोगुना होने वाला है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा सकता है।

ट्रंप का भरोसेमंद चेहरा
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर गोर की नियुक्ति का ऐलान करते हुए उन्हें अपना "सबसे करीबी दोस्त" बताया। उन्होंने लिखा— सर्जियो मेरे ऐतिहासिक चुनावी अभियान का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने मेरी बेस्टसेलिंग किताबें प्रकाशित कीं, सुपर PAC चलाया और मेरे दूसरे कार्यकाल की स्टाफिंग में बड़ी भूमिका निभाई।

गोर को दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत (Special Envoy for South and Central Asia) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है।

मस्क-गोर विवाद से सुर्खियों में
सर्जियो गोर का नाम हाल ही में तब सुर्खियों में आया जब उनकी एलन मस्क (Elon Musk) से तीखी खींचतान सामने आई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोर और मस्क के बीच महीनों से मतभेद चल रहे थे। मई 2025 में मस्क ने ट्रंप प्रशासन से इस्तीफा दे दिया, जिसके पीछे गोर की भूमिका को अहम माना गया।

NASA प्रमुख के लिए जैरेड आइजैकमैन का नाम मस्क के समर्थन से आगे बढ़ाया गया था, लेकिन गोर ने इसका विरोध किया और अंततः ट्रंप ने नॉमिनेशन रोक दिया।

इस फैसले से मस्क नाराज हो गए और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर गोर को "सांप" तक कह डाला। यह घटना मस्क और ट्रंप के रिश्तों में बड़ी दरार का कारण बनी और राजनीतिक हलकों में गोर की ताकत को और उजागर कर गई।

पर्दे के पीछे सबसे ताकतवर शख्सियत
गोर को ट्रंप प्रशासन में पॉलिटिकल वफादारी आधारित नियुक्तियों की जांच-पड़ताल (Political Vetting) का मास्टर माना जाता है। व्हाइट हाउस में स्टाफ चयन और महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों के दौरान वे ट्रंप के सबसे भरोसेमंद सलाहकार रहे।

उन्होंने चुनावी फंड जुटाने (Fundraising) में भी अहम भूमिका निभाई। रिपब्लिकन डोनर्स और सहयोगियों से उनके मजबूत रिश्ते हैं। ट्रंप की टीम में उन्हें पर्दे के पीछे सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिना जाता है।

सर्जियो गोर का सफर: ताशकंद से व्हाइट हाउस तक
सर्जियो गोर का जन्म ताशकंद (उस समय सोवियत संघ का हिस्सा) में हुआ था। साल 1999 में वे अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गए। वॉशिंगटन डीसी की जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी से पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने कंजर्वेटिव राजनीति में कदम रखा।

कॉलेज रिपब्लिकन्स और यंग अमेरिका फाउंडेशन से सक्रिय रहे। आगे चलकर उन्होंने सीनेटर रैंड पॉल के साथ काम किया और धीरे-धीरे ट्रंप कैंप में जगह बनाई। 

ट्रंप जूनियर के साथ उन्होंने एक पब्लिशिंग कंपनी भी शुरू की। 2024 में गोर ने प्रो-ट्रंप सुपर PAC का नेतृत्व किया, जिसे मार्वल के पूर्व कार्यकारी इसाक पर्लमटर से आर्थिक सहयोग मिला। हालांकि, न्यूयॉर्क टाइम्स समेत कई मीडिया रिपोर्ट्स ने उनके तेजी से राजनीतिक उभार और व्यक्तिगत पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए हैं।

भारत यात्रा से पहले बड़ा संकेत
ट्रंप ने गोर की नियुक्ति की घोषणा उस समय की है, जब अमेरिका के व्यापार वार्ताकारों की 25-29 अगस्त की भारत यात्रा अचानक रद्द कर दी गई। माना जा रहा है कि भारत में राजदूत की यह नियुक्ति आने वाले समय में इंडो-यूएस रिलेशन (India-US Relations) की दिशा तय करने में अहम साबित होगी।