बांग्लादेश में यूनुस के गुंडों ने पार की सारी हदें, जिसने लिखा राष्ट्रगान; उन्हीं टैगोर के घर पर हमला

बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर ‘कचहरीबाड़ी’ पर भीड़ ने तोड़फोड़ की। यह घटना पार्किंग विवाद के बाद हुई। प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई है।

बांग्लादेश में यूनुस के गुंडों ने पार की सारी हदें, जिसने लिखा राष्ट्रगान; उन्हीं टैगोर के घर पर हमला
रवींद्रनाथ टैगोर

बांग्लादेश में सांस्कृतिक और साहित्यिक धरोहरों पर हमले की एक गंभीर घटना सामने आई है। नोबेल विजेता और राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर के सिराजगंज जिले के शहजादपुर में स्थित पैतृक घर ‘कचहरीबाड़ी’ पर भीड़ ने हमला कर दिया। यह घर अब एक संग्रहालय के रूप में संरक्षित है, जहां टैगोर की कई प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियां रची गई थीं।

घटना का विवरण
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना पार्किंग विवाद के चलते हुई। संग्रहालय के एंट्री गेट पर पार्किंग को लेकर कुछ लोगों ने एक कर्मचारी के साथ बहस की, जो देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। गुस्साई भीड़ ने संग्रहालय परिसर में घुसकर सभागार और अन्य हिस्सों में तोड़फोड़ की। यहां तक कि संस्थान के निदेशक को भी शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाया गया।

ऐतिहासिक महत्व
रवींद्रनाथ टैगोर का यह पैतृक घर केवल एक निवास स्थान नहीं, बल्कि साहित्यिक और सांस्कृतिक इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां टैगोर से जुड़ी कई वस्तुएं और उनकी कृतियों से संबंधित सामग्री प्रदर्शित की जाती है। इस हमले से न केवल बांग्लादेश की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान हुआ है, बल्कि यह देश की मौजूदा सामाजिक और राजनीतिक अस्थिरता को भी उजागर करता है।

प्रशासनिक कार्रवाई
घटना के तुरंत बाद बांग्लादेश पुरातत्व विभाग ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया, जिसे पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। फिलहाल, कचहरीबाड़ी को आगंतुकों के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है और इसे सरकारी निगरानी में ले लिया गया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि
इस घटना को बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बढ़ते राजनीतिक तनाव और कट्टरपंथी घटनाओं के संदर्भ में देखा जा रहा है। देश के कई हिस्सों में यूनुस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिससे कानून व्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ा है।