अमेरिका का पाकिस्तान पर करारा प्रहार: पहलगाम हमले के दोषी TRF को वैश्विक आतंकी सूची में डाला; भारत बोला- स्वागत है!
अमेरिका ने पहलगाम आतंकी हमले के दोषी TRF को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया। जानें TRF का मास्टरमाइंड, नेटवर्क और भारत की प्रतिक्रिया।
अमेरिका ने पाकिस्तान की सरपरस्ती में चल रहे आतंकवाद को बड़ा झटका दिया है। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले के ज़िम्मेदार संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (The Resistance Front – TRF) को वैश्विक आतंकी संगठन (FTO & SDGT) घोषित कर दिया गया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस कड़े फैसले का एलान किया और कहा कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘जवाबदेही और न्याय’ की नीति के तहत लिया गया है।
रुबियो ने कहा, TRF को आतंकी घोषित करना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और राष्ट्रपति ट्रंप की न्याय की अपील के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है। TRF लश्कर-ए-तैयबा का ही मुखौटा संगठन है।
भारत ने अमेरिका के इस फैसले का खुले दिल से स्वागत किया। विदेश मंत्रालय ने कहा , TRF को आतंकी संगठन घोषित करना समय की मांग थी। यह भारत-अमेरिका के बीच आतंकवाद विरोधी सहयोग का प्रमाण है।
पहलगाम हमले का जिम्मेदार TRF: धर्म पूछकर 26 निर्दोष मारे
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए निर्दोष पर्यटकों के नरसंहार की जिम्मेदारी TRF ने ली थी। इस भीषण हमले में 26 लोग मारे गए। TRF ने इस हमले को सही ठहराते हुए कहा था कि गैर-कश्मीरियों को जम्मू-कश्मीर में डेमोग्राफिक बदलाव के लिए बसाया जा रहा है, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया।
TRF का मास्टरमाइंड कौन?
- TRF का संस्थापक और कमांडर है — शेख सज्जाद गुल।
- गुल पर पहले से ही भारत में UAPA के तहत प्रतिबंध है।
- TRF को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का पूरा समर्थन है।
- इसका गठन 2019 में पुलवामा हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा के सहयोगी संगठन के रूप में हुआ।
- TRF सोशल मीडिया, टेलीग्राम, फेसबुक, और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म पर संदेश भेजकर युवाओं की भर्ती करता है।
‘वर्चुअल फ्रंट’ कहलाता है TRF
- कश्मीर में इसे ‘द वर्चुअल फ्रंट’ भी कहा जाता है।
- यह संगठन मोबाइल फोन से बात नहीं करता बल्कि केवल मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता है।
- सुरक्षा एजेंसियों के लिए इसे ट्रैक करना मुश्किल बन जाता है।
- TRF की हिटलिस्ट में कई बीजेपी नेता, सैन्य अधिकारी और प्रशासनिक अफसर शामिल रहे हैं।
भारत की जीरो टॉलरेंस नीति
भारत ने दोहराया कि वह आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति जारी रखेगा और TRF जैसे संगठनों के खिलाफ अपने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।


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