दरगाह-मस्जिद पर बुलडोजर से ऊपरवाला नाराज़, उत्तरकाशी आपदा पर सपा नेता का विवादित बयान

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बीच सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन के विवादित बयान से सियासी बवाल मच गया है। उन्होंने कहा कि दूसरे मजहबों का अपमान हो रहा है, इसलिए ऊपरवाले का इंसाफ हो रहा है।

दरगाह-मस्जिद पर बुलडोजर से ऊपरवाला नाराज़, उत्तरकाशी आपदा पर सपा नेता का विवादित बयान
SP Leader ST Hasan

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई भीषण आपदा के बीच समाजवादी पार्टी (SP) के पूर्व सांसद एसटी हसन के बयान ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। मुरादाबाद से सपा के पूर्व सांसद ने दावा किया कि "ऊपरवाले का इंसाफ सबसे बड़ा होता है, और दूसरे मजहबों का अपमान हो रहा है, इसलिए आपदाएं आ रही हैं।"

उनका कहना है कि दरगाहों और मस्जिदों पर बुलडोजर चलाने से ऊपरवाला नाराज़ है, जिसके चलते प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने यहां तक कह दिया कि धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाने की बजाय उन्हें काली करवाया जाना चाहिए।

'दूसरे धर्मों का अपमान' — सपा नेता का बयान
एसटी हसन ने कहा कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में "दूसरे धर्मों का सबसे ज्यादा अपमान हो रहा है।" उनके मुताबिक, इस दुनिया को चलाने वाला कोई और है और इंसान को उसके बनाए धार्मिक स्थलों का सम्मान करना चाहिए।

BJP का पलटवार — 'अल्लाह का श्राप लग गया है'
इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, "समाजवादी पार्टी पर अल्लाह का श्राप लग गया है, तभी ऐसे उल-जुलूल बयान आ रहे हैं।"

BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एसटी हसन के पुराने बयान को याद दिलाया, जिसमें उन्होंने कांवड़ियों की तुलना पहलगाम के आतंकियों से की थी। पूनावाला ने आरोप लगाया कि "ये सब वोटबैंक की राजनीति का हिस्सा है, शरिया कानून के लिए समाजवादी पार्टी नमाजवादी बन जाती है।"

'SP आलाकमान के इशारे पर ऐसे बयान' — राकेश त्रिपाठी
उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने भी निशाना साधते हुए कहा कि "ऐसे बयान समाजवादी पार्टी आलाकमान के इशारे पर दिए जाते हैं।"

धराली आपदा में पूरा देश गमगीन
धराली में आई आपदा में कई जिंदगियां दफ़्न हो चुकी हैं। लोग मलबे में दबे लोगों की सलामती की दुआ कर रहे हैं। पूरा देश शोक में है, लेकिन बीजेपी का आरोप है कि समाजवादी पार्टी इस त्रासदी में भी सियासी फायदा लेने की कोशिश कर रही है।