वाराणसी में गो-तस्करी पर पुलिस का शिकंजा, संगठित गिरोहों पर निर्णायक प्रहार के निर्देश
वाराणसी में गो-तस्करी के खिलाफ पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की सख्त कार्रवाई। गैंगस्टर एक्ट, हिस्ट्रीशीट, वाहन जब्ती और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए संगठित गिरोहों पर निर्णायक प्रहार।
पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को गो-तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई की व्यापक समीक्षा की। इस उच्चस्तरीय गोष्ठी में अब तक की बरामदगियों, गिरफ्तार अभियुक्तों, सीज किए गए वाहनों और पंजीकृत मामलों की बारीकी से पड़ताल की गई, ताकि भविष्य की रणनीति और अधिक सख्त एवं प्रभावी बनाई जा सके।
आंकड़ों में दिखी सख्त कार्रवाई की तस्वीर
समीक्षा के दौरान बताया गया कि वर्ष 2025 में गो-तस्करी के विरुद्ध 42 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 111 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा 11 गैंगस्टर मामलों में 43 अभियुक्तों पर कार्रवाई की गई, 3 आरोपियों पर गुण्डा एक्ट लगाया गया और 11 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोली गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कमिश्नरेट स्तर पर इस अपराध के खिलाफ लगातार दबाव बनाया गया है।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश
गोष्ठी में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गो-तस्करी से जुड़े अपराधियों और संगठित गिरोहों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि गैंगस्टर एक्ट सहित सभी कठोर कानूनी प्रावधानों का प्रयोग कर अपराध की जड़ों पर प्रहार किया जाए, ताकि संगठित नेटवर्क पूरी तरह टूट सके।
निगरानी और समन्वय को किया जाए मजबूत
उन्होंने यह भी कहा कि आदतन अपराधियों के विरुद्ध तत्काल हिस्ट्रीशीट खोली जाए और अन्य जनपदों की पुलिस से समन्वय स्थापित कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए। गो-तस्करी में प्रयुक्त वाहनों के जब्तीकरण के लिए जिलाधिकारी के साथ समन्वय कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
तस्करी के मार्ग और पैटर्न पर फोकस
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि गो-तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लोडिंग प्वाइंट और उनके आवागमन मार्गों को चिन्हित कर उनके संचालन पैटर्न का विश्लेषण किया जाए, ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क को समय रहते रोका जा सके।
डिजिटल साक्ष्यों से मजबूत होगी कार्रवाई
उन्होंने अभियुक्तों की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक जोड़ने, गिरोह के सरगनाओं की पहचान करने तथा उनके विरुद्ध ठोस साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई करने पर बल दिया। मोबाइल कॉल विवरण, व्हाट्सएप कॉल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का कानूनी दायरे में विश्लेषण कर मजबूत केस तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
जीरो टोलरेंस नीति पर अडिग कमिश्नरेट
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गो-तस्करी के खिलाफ ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति के तहत कमिश्नरेट वाराणसी क्षेत्र में निरंतर, सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। इस बैठक में अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त अपराध राजेश सिंह सहित सभी पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त और थाना प्रभारी मौजूद रहे।


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