आतंकवादी हमले जारी रहे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, भारत ने दी पाकिस्तान को चेतावनी

जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है, जिसमें किसी भी तीसरे पक्ष या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर का इतिहास भारत के साथ इसके संवैधानिक और ऐतिहासिक संबंधों को स्पष्ट करता है।

आतंकवादी हमले जारी रहे तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, भारत ने दी पाकिस्तान को चेतावनी
Foreign Minister Subrahmanyam Jaishankar

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने भारत की आतंकवाद के प्रति कठोर नीति को दोहराते हुए कहा कि यह एक अंतर्राष्ट्रीय अपराध है जिसे किसी भी स्थिति में माफ नहीं किया जा सकता। नीदरलैंड की यात्रा के दौरान दे वोक्सक्रांत पत्रिका को दिए साक्षात्कार में जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद और जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। जयशंकर ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि यदि आतंकवादी हमले जारी रहे, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि भारत स्थायी शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन समाप्त करना होगा।

जम्मू-कश्मीर: द्विपक्षीय मुद्दा, मध्यस्थता की कोई जगह नहीं
जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है, जिसमें किसी भी तीसरे पक्ष या अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कश्मीर का इतिहास भारत के साथ इसके संवैधानिक और ऐतिहासिक संबंधों को स्पष्ट करता है।

पाकिस्तान पर आरोप: आतंकवाद का केंद्र
जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताते हुए कहा कि उसकी सरकार और सेना आतंकवादियों की गतिविधियों में पूरी तरह से शामिल हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में शामिल आतंकवादियों की पाकिस्तान में खुलेआम उपस्थिति और उनके संचालन की आलोचना की।

आतंकवादियों को संरक्षण: अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की मांग
विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के बड़े सैन्य केंद्र आतंकवादियों के प्रशिक्षण और गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भारत की कार्रवाई का समर्थन करने और पाकिस्तान के इन कृत्यों के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।