बिहार बजट 2026: ‘ज्ञान से सम्मान’ तक नीतीश सरकार का बड़ा दांव

बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार सरकार ने 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। जानिए ज्ञान, विज्ञान, अरमान, ईमान और सम्मान पर आधारित इस बजट की बड़ी बातें।

बिहार बजट 2026: ‘ज्ञान से सम्मान’ तक नीतीश सरकार का बड़ा दांव
Vijendra Yadav

नीतीश कुमार सरकार ने मंगलवार को बिहार विधानसभा में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया। कुल 3.47 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को सरकार ने ‘ज्ञान, विज्ञान और अरमान’ की सोच पर आधारित बताया है, जिसमें ‘ईमान’ और ‘सम्मान’ का तड़का भी लगाया गया है। पिछले साल 3.17 लाख करोड़ रुपये के बजट की तुलना में इस बार खजाना और ज्यादा खुला नजर आया। सरकार का दावा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में टैक्स के जरिए करीब 65,800 करोड़ रुपये की कमाई की जाएगी, जिससे विकास योजनाओं को रफ्तार मिलेगी।

इस बजट में सरकार का खास फोकस गरीबों, पिछड़े वर्गों और जरूरतमंद तबकों पर दिखता है। सामाजिक कल्याण योजनाओं के लिए 7,724 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री ने साफ कहा कि यह बजट ‘न्याय के साथ विकास’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की कोशिश है। सरल शब्दों में कहें तो शिक्षा, तकनीक और आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखकर सरकार ने इस बार विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।

11 मिनट में बजट, संदेश साफ
वित्त मंत्री विजेंद्र यादव ने बेहद संक्षिप्त अंदाज में महज 11 मिनट में बजट भाषण पूरा कर सबको चौंका दिया। उन्होंने कहा कि बजट तैयार करते समय ईमान, ज्ञान, विज्ञान, अरमान और सम्मान—इन पांच मूल विचारों को केंद्र में रखा गया है। यही वजह है कि बजट में नई योजनाओं के साथ-साथ पुरानी योजनाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

महिला रोजगार योजना पर सरकार का भरोसा
बजट भाषण में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का जिक्र भी खास रहा। यह योजना पिछले साल नवंबर में विधानसभा चुनाव से पहले लागू की गई थी। वित्त मंत्री के अनुसार, 1.56 करोड़ महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। जिन महिलाओं ने इस रकम का उपयोग शुरू कर दिया है, उन्हें आगे चलकर अतिरिक्त दो लाख रुपये तक की मदद दिए जाने की योजना है। इससे महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को नई ताकत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

वित्तीय सेहत पर सरकार का आत्मविश्वास
राज्य की वित्तीय सेहत को लेकर भी सरकार ने सकारात्मक तस्वीर पेश की है। बजट दस्तावेजों के मुताबिक 2024-25 में बिहार का राजस्व घाटा जीएसडीपी का सिर्फ 0.04 प्रतिशत रहा, जो राहत की बात है। हालांकि राजकोषीय घाटा 4.16 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो तय सीमा 3 प्रतिशत से ज्यादा है। इसके बावजूद सरकार का दावा है कि आर्थिक प्रबंधन मजबूत है और आने वाले वर्षों में स्थिति और बेहतर होगी।