पहले मतदान, फिर जलपान— बिहार में लोकतंत्र का महापर्व शुरू, पीएम मोदी ने मतदाताओं से की अपील

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 121 सीटों पर वोटिंग जारी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने मतदाताओं से कहा — “पहले मतदान, फिर जलपान।” 3.75 करोड़ वोटर्स 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत तय करेंगे। नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के बीच कड़ा मुकाबला।

पहले मतदान, फिर जलपान— बिहार में लोकतंत्र का महापर्व शुरू, पीएम मोदी ने मतदाताओं से की अपील

बिहार में आज लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो चुका है। विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के साथ ही पूरे राज्य में उत्साह का माहौल है। सुबह से ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक लोग अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान से पहले राज्य की जनता से अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा — बिहार में आज लोकतंत्र के उत्सव का पहला चरण है। विधानसभा चुनावों में इस दौर के सभी वोटर्स से मेरा आग्रह है कि वे पूरे उत्साह के साथ मतदान करें। पहली बार वोट डालने जा रहे युवाओं को मेरी विशेष बधाई। याद रखना है— पहले मतदान, फिर जलपान।

प्रधानमंत्री की यह अपील युवाओं और नए मतदाताओं में खासा जोश भर रही है। कई जगहों पर पहली बार वोट डालने वाले युवा सेल्फी विद वोट अभियान में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।

बिहार तैयार: चुनाव आयोग का संदेश
चुनाव आयोग ने भी सोशल मीडिया पर “बिहार है तैयार” का संदेश साझा करते हुए सभी मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान की अपील की है। आयोग के अनुसार, पहले चरण में 3.75 करोड़ से अधिक मतदाता 1,314 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

121 सीटों पर सियासी जंग
पहले चरण में जिन 121 सीटों पर वोटिंग हो रही है, वे बिहार की राजनीति की दिशा तय करने वाली मानी जा रही हैं। इन सीटों पर ग्रामीण इलाकों की भूमिका अहम है, जहां जातीय समीकरण, विकास कार्य और रोजगार सबसे बड़े चुनावी मुद्दे बने हुए हैं।

नीतीश बनाम तेजस्वी: सत्ता की कुर्सी की जंग
इस बार चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प है। एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने अब तक मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का औपचारिक ऐलान नहीं किया है, जबकि महागठबंधन (RJD-कांग्रेस-लेफ्ट) ने तेजस्वी यादव को अपना चेहरा बनाया है।

जहां एनडीए नीतीश कुमार के 20 वर्षों के शासन और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रहा है, वहीं विपक्ष सत्ता विरोधी लहर और रोजगार के मुद्दे को भुनाने की कोशिश में है।