कपड़े उतरवाए. न्यूड वीडियो भी बनाया; तेजप्रताप यादव पर किसने लगाया सनसनीखेज आरोप?
बिहार के पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव एक बार फिर गंभीर विवादों में घिर गए हैं। उनके करीबी सहयोगी रहे सौरभ यादव ने उन पर मारपीट और अपमान के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे आरजेडी और बिहार की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार सरकार में पूर्व मंत्री रह चुके तेजप्रताप यादव एक बार फिर एक बड़े और सनसनीखेज विवाद के केंद्र में आ गए हैं। इस बार खास बात यह है कि उन पर आरोप लगाने वाला कोई राजनीतिक विरोधी नहीं, बल्कि वही शख्स है जो वर्षों से खुद को उनका सबसे करीबी सहयोगी और ‘हनुमान’ बताता रहा है। तेजप्रताप के साथ लंबे समय से साये की तरह रहने वाले अविनाश कुमार उर्फ सौरभ ने अब अपने ही नेता पर बेहद गंभीर आरोप लगाकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
खान सर के भाई के रिसेप्शन से शुरू हुआ विवाद
सौरभ का कहना है कि इस पूरे विवाद की शुरुआत रविवार को पटना में आयोजित खान सर के भाई के रिसेप्शन से हुई। वहां किसी बात को लेकर तेजप्रताप यादव कथित रूप से उनसे नाराज हो गए और आरोप है कि उन्होंने सौरभ का मोबाइल फोन वहीं छीन लिया। इसके बाद उन्हें तेजप्रताप के सरकारी आवास, 26 नंबर बंगले पर बुलाया गया। यहीं से मामला और ज्यादा गंभीर मोड़ ले लेता है, जहां सौरभ ने खुद के साथ बर्बरता किए जाने का दावा किया है।
बंगले में कथित मारपीट और वीडियो बनाने का आरोप
सौरभ ने मीडिया के सामने बेहद दर्दनाक आरोप लगाते हुए कहा कि बंगले पर पहुंचते ही उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। उन्होंने दावा किया कि कथित तौर पर उनके कपड़े उतरवाए गए और उनका न्यूड वीडियो भी बनाया गया। सौरभ ने यह भी कहा कि वहां कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उनका मोबाइल फोन जानबूझकर रात 9 बजे से लेकर 1:30 बजे तक अपने कब्जे में रखा गया ताकि वह किसी को इस घटना की जानकारी न दे सकें।
‘महादेव’ मानने वाला समर्थक ही अब टूटा हुआ
सोशल मीडिया पर तेजप्रताप यादव के साथ अक्सर उन्हें ‘महादेव’ कहकर पैर छूते हुए नजर आने वाले सौरभ यादव अब पूरी तरह मानसिक रूप से टूट चुके दिखाई दे रहे हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि चुनाव के समय उन्होंने तेजप्रताप यादव के लिए दिन-रात मेहनत की, गांव-गांव जाकर प्रचार किया, सोशल मीडिया पर उनकी छवि मजबूत करने के लिए लगातार कंटेंट बनाया, लेकिन आज वही व्यक्ति उनके जीवन को सबसे बड़ा दर्द दे गया।
सौरभ ने यह भी कहा कि उन्होंने तेजप्रताप यादव को भगवान की तरह पूजा, उनके लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ अपमान और पीड़ा मिली। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल एक कार्यकर्ता के तौर पर नहीं, बल्कि परिवार के सदस्य की तरह सेवा की थी, लेकिन आज वही रिश्ता सबसे ज्यादा चोट दे गया। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर तेजप्रताप यादव को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
अब कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक दबाव की आशंका
अब यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी और सामाजिक स्तर पर भी गंभीर बनता जा रहा है। आरोप बेहद संवेदनशील हैं और यदि शिकायत दर्ज होती है तो जांच एजेंसियों की भूमिका भी अहम हो सकती है। फिलहाल तेजप्रताप यादव की ओर से इस पूरे आरोप प्रकरण पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, आरजेडी के लिए भी यह मामला बड़े संकट की तरह देखा जा रहा है।


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